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शिवपुरी का पुलिस महकमा 15 साल बाद भी भौंती थाने की जमीन पर से नहीं हटवा पाया अवैध कब्जा / Shivpuri News

शिवपुरी। अपने निजी स्वामित्व की जमीन पर से अवैध कब्जा हटवाने के लिए लोग अक्सर पुलिस और पुलिस अधिकारियों से मदद की गुहार लगाने दफ्तरों के चक्कर काटते नजर आते हैं लेकिन यहां मामला कुछ उल्टा ही है। यहां शिवपुरी जिले का पुलिस महकमा अपने ही एक थाने की जमीन पर से अवैध कब्जा हटवाने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहा है। बावजूद इसके 15 साल गुजर जाने के बाद भी पुलिस महकमा अपने ही थाने की जमीन पर से अवैध कब्जा नहीं हटवा पाया है।

भौंती थाने की 0.06 हैक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जा:
मामला शिवपुरी जिले के भौंती थाने का है। यहां एक भू माफिया ने भौंती थाने की जमीन में से 10 फिट का रास्ता बना रखा है। दरअसल वर्ष 1989 – 90 में बंदोबस्त के दौरान राजस्व के नक्शे में थाना भौंती को आवंटित भूमि सर्वे क्रमांक 582 के नक्शे को छोटा कर दिया गया है खसरे में जहां भूमि को 1.22 हेक्टेयर  है वहीं नक्शे में मात्र 1.16 हेक्टेयर रह जाती है। एवं रमेश भदोरिया के स्वामित्व की भूमि सर्वे क्रमांक 583 जो मात्र .12 हेक्टेयर है को नक्शे में 0.15 हेक्टेयर कर दिया गया है। एवं सर्वे क्रमांक 584 रकबा0.11 हेक्टेयर को भी नक्शे में बढ़कर 0.14 हेक्टेयर कर दिया गया है। इस त्रुटि के कारण सीमांकन होने पर थाने की भूमि कम हो जाती है एवं सर्वे क्रमांक 583 व 84 की भूमि बढ़ जाती है जिसकी आड़ में रमेश भदोरिया द्वारा थाने की भूमि पर अतिक्रमण कर लिया गया है जब इस त्रुटि को सुधार करने हेतु मार्च 2023 में एसडीम पिछोर को आवेदन दिया गया तो अनुविभागीय अधिकारी पिछोर द्वारा इसकी जांच कराई गई जिसमें यह पाया गया की सर्वे क्रमांक 582 की भूमि 0. 06 हेक्टेयर कम है एवं सर्वे क्रमांक 583 एवं 584  की भूमि 0.06 हेक्टेयर अधिक है। चूंकि नक्शे में त्रुटि सुधार 5 वर्ष से अधिक पुराना था तथा सुधार हेतु एडीएम से अनुमोदन लिया जाना आवश्यक था जिसके लिए प्रस्ताव दिनांक 25.07. 2023 को एडीएम महोदय के पास भेजा गया किंतु एडीएम महोदय ने इस क्वेरी के साथ की क्या 583 एवं 584 में भूमि अधिक है प्रस्ताव वापस एसडीएम को भेज दिया गया जो अभी तक लंबित है।

थाने में से रास्ता देने का तहसीलदार का आदेश संदिग्ध:
वर्ष 2009 में तहसीलदार पिछोर द्वारा थाना भौती को आवंटित भूमि में से रमेश भदोरिया के पक्ष में 10 फीट के रास्ता स्वीकृत किया गया जबकि रमेश भदोरिया को अपनी भूमि पर आने जाने के लिए शासकीय सर्वे क्रमांक 585 में से आने जाने का रास्ता था। इस प्रकरण में पुलिस विभाग अथवा थाना भौंती को भी आवश्यक रूप से पक्षकार बनाया जाना चाहिए था किंतु थाना भौंती को सुनवाई का कोई अवसर प्रदान नहीं किया गया एवं बिना थाना भौती की जानकारी के चुपचाप आदेश पारित कर दिया गया। जबकि सर्वे क्रमांक 583 के भूस्वामी रमेश भदोरिया की जमीन में किसी तरह का कृषि कार्य नहीं होता था पूर्व में उसमें से मुरम खोदी गई थी जिसके गड्ढे थे किंतु फिर भी तहसीलदार ने बिना स्थलीय जांच किये मध्य प्रदेश भू राजस्व संहिता की धारा 131 के अंतर्गत उक्त भूमि को कृषि भूमि बताते हुए आदेश पारित कर दिया। जांच में स्पष्ट हुआ कि उक्त आदेश तहसील अभिलेख में उपलब्ध नहीं है मात्र रमेश भदोरिया के पास उसकी सत्यापित छाया पति है जिसमें अनेक स्थान पर ओवरराइटिंग है
रमेश भदोरिया इस आदेश को वर्ष 2014 तक अपने पास रखे रहा एवं वर्ष 2014 में जब उसने रास्ता बनाने का प्रयास किया तब पुलिस थाना भौंती द्वारा इस आदेश के विरुद्ध अनुविभागीय  अधिकारी पिछोर को अपील की किंतु अनुविभागीय अधिकारी पिछोर ने संहिता के प्रावधानों के अनुरूप न होने पर भी तहसीलदार के आदेश को यथावत रखा। इस आदेश के विरुद्ध अपर आयुक्त ग्वालियर संभाग के न्यायालय में अपील प्रस्तुत की गई है। पुलिस थाना भौंती की बाउंड्री वॉल का निर्माण ना हो इस हेतु सिविल न्यायालय में स्थाई निषेधाज्ञा हेतु रमेश भदोरिया द्वारा वाद प्रस्तुत किया गया जिसमें न्यायालय द्वारा दिनांक 10 जनवरी 2023 को 10 फीट के रास्ते पर कोई निर्माण कार्य न किया जाए इस हेतु अस्थाई निषेधाज्ञा का आदेश पारित किया। फिलहाल भू सुधार के लिए फाइल एडीएम आफिस से पिछोर एसडीएम को भेजी गई है।

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