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PM मोदी शिवपुरी की ललिता से बोले राम-राम: आदिवासी महिला ने सरकारी योजनाओं के लाभ गिनाए तो कहा, आप सुपर फास्ट बोलती हैं / Shivpuri News

शिवपुरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जनमन अभियान के तहत अलग-अलग राज्यों की महिलाओं से बात की। शिवपुरी के हातोद गांव की ललिता सहरिया आदिवासी से पीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से बात की। उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने को लेकर सवाल किया। ललिता ने कहा- बेटी को लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ मिला है। बच्चों को ड्रेस मिली। मेरे शीतला माता स्व-सहायता समूह को भी सरकारी योजना का लाभ मिला है।

पीएम ने कहा, आप सुपर फास्ट बोलते जा रही हैं। इतना तो हम भी नहीं बोल सकते। आज आपके पक्के घर का सपना पूरा होने जा रहा है। आपको बधाई पहली किस्त भी मिलने वाली है। इस पर ललिता ने कहा- आपका धन्यवाद जो आपने हमारे बारे में सोचा।

पीएम ने पूछा कि आपको पीएम आवास योजना के बारे में कैसे पता चला। ललिता ने कहा- मेरे घर में आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, लाड़ली बहना, हमारे यहां नल-जल योजना आदि का लाभ मिला है। आज आपसे बात करके खुश हूं। मोदी बोले- मुझे भी अच्छा लगा और मैं आपसे बात करके प्रभावित हो गया।

ब्याहकर आई तब पापा ने कहा था पक्का मकान बन जाएगा
विद्या आदिवासी ने पीएम मोदी से कहा, वैष्णो देवी मैया का समूह चलाती हूं। आपकी योजनाओं का लाभ हमारे बच्चों को मिला है। जब ब्याह होकर आई थी तो यहां टपरी ही टपरी थी। मैंने पापा से कहा था तुमने कहां पटक दिया। ये जंगल में क्यों डाल दिया मुझे। पापा विदा कराने आए तो कहा कि बेटा तुम्हारा भी पक्का घर बनेगा। आपके घर भी नल आएगा। विद्या ने गांव का मॉडल दिखाते हुए कहा- अब हमारा गांव सुंदर है। पक्की सड़क है। अब गांव में नल-जल योजना आएगी घर-घर पानी आएगा। बड़ी बैठक है, जिसमें हम गणपति बप्पा बैठाते हैं। सर, पहले यहां एम्बुलेंस नहीं आती थी। अब एक फोन करने पर एम्बुलेंस आ जाती है। महिला और मरीजों को सीपरी अस्पताल ले जाते हैं।

पीएम ने विद्या से कहा- विद्या जी आपने तो पूरा विद्या ज्ञान प्राप्त कर लिया। हमारी सरकार की यही कोशिश है कि एक-एक नागरिक को योजना का लाभ पहुंचे। कहीं भटकना न पड़े। यही तो मोदी की गारंटी है।

एक लाख लाभार्थियों को पहली किस्त जारी की
प्रधानमंत्री ने पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के 1 लाख लाभार्थियों को पहली किस्त जारी की। हातोद के कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल, मंत्री विजय शाह, सांसद केपी यादव, शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन, कोलारस विधायक महेंद्र यादव, पिछोर विधायक प्रीतम लोधी, करैरा विधायक रमेश खटीक और पाठ्यपुस्तक निगम उपाध्यक्ष प्रहलाद भारती मौजूद हैं।

पीएम-जनमन क्या है

पीएम-जनमन की शुरुआत 15 नवंबर 2023 को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर अंतिम छोर पर मौजूद अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाने के अंत्योदय के विजन की दिशा में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सामाजिक-आर्थिक कल्याण के लिए किया गया था।

लगभग 24,000 करोड़ रुपए के बजट के साथ पीएम-जनमन, 9 मंत्रालयों के माध्यम से 11 महत्वपूर्ण हस्तक्षेपों पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य पीवीटीजी परिवारों और बस्तियों को सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त करके शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, बिजली, सड़क और दूरसंचार कनेक्टिविटी और स्थायी आजीविका के अवसरों तक बेहतर पहुंच स्थापित करके पीवीटीजी की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार लाना है।

कर्नल गुरुबख्श सिंह का गांव है हातोद
शिवपुरी के हातोद गांव में किसी शहीद का परिवार नहीं है, लेकिन यहां हर शहीद की शहादत को नमन किया जाता है। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए स्मारक बना हुआ है। हर साल 6 फरवरी को जिला प्रशासन यहां एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करता है। इसमें सेना के अधिकारी आते हैं। दरअसल, इस गांव का ताल्लुक नेताजी सुभाषचंद्र बोस की आजाद हिंद फौज से है। आजाद हिंद फौज के कर्नल गुरुबख्श सिंह ढिल्लन इसी गांव के थे।

कर्नल गुरुबख्श सिंह का जन्म 18 मार्च 1914 को पंजाब के तरण तारण में हुआ था। साल 1936 के आसपास वे 14वीं पंजाब रेजिमेंट में शामिल हुए। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध में भी भाग लिया। इसके बाद वे आजाद हिंद फौज में शामिल हो गए। अंग्रेज सरकार ने उन पर मुकदमा चलाया। नेताजी सुभाषचंद्र बोस के विदेश जाने और भारत की आजादी के बाद कर्नल गुरुबख्श शिवपुरी के हातोद गांव आ गए। 1998 में भारत सरकार ने उन्हें ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया। 6 फरवरी 2006 को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके ऊपर 2017 में ‘राग देश’ नाम की फिल्म भी बनी है।
गांव में 2500 लोग रहते हैं
ग्राम पंचायत हातोद की जनसंख्या लगभग 2500 है। इस पंचायत में हातोद, अर्जुनगवां खुर्द, हरनगर और लखनगवां गांव आते हैं। यहां कुल जनसंख्या में 40% आदिवासी, 30% सिख, 30% गुर्जर, 10% बाकी अन्य समाज के लोग रहते हैं।

ग्राम पंचायत हातोद की एक विशेषता है। यहां होने वाले हर निर्माण कार्य का जैसे, सड़क, कॉलोनी, भवन, खेल मैदान सभी के नाम पहले से शहीदों के नाम से रख दिए जाते हैं। यहां हर गली, कॉलोनी या खेल मैदान को शहीदों के नाम से जाना जाता है। शिक्षा के लिए भी इस पंचायत में 6 प्राथमिक और 2 माध्यमिक विद्यालय हैं। यहां सरकार की योजनाओं का लाभ बखूबी लिया जा रहा है। यह पंचायत एमपी की रोल मॉडल पंचायतों में से एक है, जहां प्रदेश से प्रशासनिक अमला, पंचायत के विकास को देखने आता है।

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