शिवपुरी। जिले में रविवार से शुरू हुई तेज बारिश ने लोगों के जनजीवन को हिला कर रख दिया है। बारिश का कहर इतना था कि ऐसा कोई गली-मोहल्ला, गांव नहीं बचा जहां पानी ने कोहराम नहीं मचाया हो। कई गांवों तक जाने का रास्ता बंद हो गया तो कई लोग बाढ़ के पानी में फसे हुए हैं। वहीं सेना द्वारा लगातार रेस्क्यू किया जा रहा है लेकिन बारिश और दृश्यता कम होने के कारण रेस्क्यू करने में परेशानी आ रही है। अभी तक कई लोगों का बाढ़ के पानी से निकाल लिया गया है, लेकिन अब भी ढाई हजार से ज्यादा लोग बाढ़ क पानी में फसे हुए हैं। वहीं डेम में पानी बढ़ने से सभी गेट खोल दिए है गेट खुल जाने के कारण नरवर और करैरा क्षेत्र में िस्थत महुअर के साथ सिंध नदी में उफान आ गया है। वहीं करैरा के एरावन ग्राम में पानी से बचने के लिए एक दर्जन से अधिक लोग टावर पर चढ़ गए थे इनमें से 12 लोग पानी में बह जाने के कारण लापता हो गए जबकि दो लोगों को बचा लिया गया। मामले की पुष्टि प्रभारी मंत्री महेंद्रसिंह ने की है। वहीं गोराटीला में छोटी बच्ची बबीता आदिवासी की पानी में डूबने से मात हो गई। बैराड़ में पांच गांव में फंसे हुए लोगों को नहीं निकाला जा सकता है, लेकिन अब वहां पर पानी कम हो रहा है। अब सेना के हेलिकॉप्टर वहां पर राशन आदि पहुंचाने की व्यवस्था कर रहे हैं जिससे वे अपना गुजारा कर सकें और सेना के आने तक सुरक्षित रह सकें। प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम ने करीब एक सैकड़ा से अधिक लोगों को वहां से रेस्क्यु कर निकाला।
मड़ीखेड़ा के 10 गेट खोले
मड़ीखेड़ा पर सोमवार की रात को ही जलस्तर 345 मीटर तक पहुंच गया। इसके बाद रात को वहां पर सभी 10 गेट खोल दिए गए। मड़ीखेड़ा के अधिकांश गेट 12 मीटर तक खोले गए हैं। इससे डबरा और दतिया क्षेत्र में सिंध में पानी बढ़ गया।
ग्वालियर से इंदौर जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन शिवपुरी के पहले पाड़रखेड़ा पर पानी में फंस गई। चारों ओर ट्रैक पर पानी भरा होने से यात्री करीब 18 घंटे तक वहां पर फंसे रहे। मोहना और सुभाषपुरा के बीच एक जगह पानी से पटरी भी उखड़ गई। गुना से मदद के लिए एटीआर ट्रेन भी भेजी गई। वहीं ट्रेन में लाइट और पानी नहीं होने से यात्री परेशान होते रहे। सांसद केपी यादव ने उनके लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की। शाम तक ट्रेन को शिवपुरी ले आया गया।
नरवर के नवोदय विद्यालय में जलभराव होने से 25 से अधिक लोग फंस गए थे। वहाँ पहुंचकर तत्काल टीम ने रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित निकाला। नरवर में 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। एसडीआरएफ की टीम द्वारा नाव के माध्यम से और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इसके अलावा कुछ जगह गंभीर स्थिति बनी जहां एनडीआरएफ की टीम और हेलीकॉप्टर की मदद ली गई। बैराड़, करैरा और नरवर के कई गांव में हेलीकॉप्टर की मदद से लोगों को निकाला गया। बिची गांव ने पेड़ पर फसे 3 आदिवासी युवकों को सुरक्षित निकाला गया।
पोहरी बैराड़ क्षेत्र के गांव हर्रई, बरखेड़ी, सिलपरी, रायपुर, कुकरेडा, अकुर्शी के अलावा करैरा नरवर क्षेत्र में सिहोरा, सिलारपुर, पनघटा, कोलारस में पचावली, पिपरौदा, घुरवार गांव, शिवपुरी में बिची, डोंगर, ख़यावदाकला सहित कई ग्राम प्रभावित हुए हैं। जहां प्रशासन और एसडीआरएफ और एनडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाया और लोगों को सुरक्षित निकाला।
संभागायुक्त आशीष सक्सेना, कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह और एसपी ने लगातार स्थिति की निगरानी की। क्षेत्र में भी जायज़ा लिया। जहां कहीं समस्या थी तत्काल टीम को भेजा ताकि लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।






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