शिवपुरी। शिवपुरी में बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करने आए पूर्व मुख्यमंत्री कमनाथ ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह टोरिया, आकुर्सी, हरई, बैराड़ जैसे प्राकृतिक आपदा कभी नहीं देखी। मैंने दतिया का भी दौरा किया वहां भी बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। कमलनाथ ने कहा कि यह मौका राजनीति का नहीं है। हम सरकार की पूरी मदद करने को तैयार है। हमारे कांग्रेस परिवार के सदस्य इस आपदा के दौर में लगातार आमजन की मदद कर रहे हैं। पर स्वाभिक है कि कुछ प्रश्न भी पूछे जाएंगे। घोषणाओं से लोगों को राहत नहीं मिलेगी। ग्वालियर चंबल की अर्थव्यवस्था कृषि पर चलती है। भारी बारिश के कारण फसल, जमीन, राष्ट्रमार्ग, राजमार्ग, पुल, मकान नष्ट हो गए हैं लेकिन सरकार द्वारा सिर्फ घोषणा की जा रही है कि हम मदद करेंगे, बाढ़ में मृतक लोगों के परिवार को मुआवजा दिया जाएगा।
कमलनाथ ने कहा कि हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि जो घोषणाएं की जा रही है वह कब तक पूरी होंगी। आप जनता को कौन सी राहत पहुंचा रहे हैं। आज जो पुल सड़के बर्वाद हुई इनकी मरम्मत कब तक होगी और जो पुल व सड़के बनाई क्या उसके कांट्रेक्टर व एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। कमलनाथ ने कहा कि मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दे दी थी लेकिन सरकार व प्रशासन अलर्ट नहीं हुआ। उन्होंने बांध खोलने के लिए कोई नोटिस जारी नहीं किया जिससे आमजन अलर्ट हो सके। जब बाढ़ आ गई तो अचानक गेट खोल दिए। उन्होंने कहा कि इस बाढ़ में किसानों की फसल का जो नुकसान हुआ है उसका कैसे आंकलन होगा, क्या मुआवजा दिया जाएगा और कब तक दिया जाएगा। हमारे यहां गुजारे की खेती है, पंजाब,हरियाणा की तरह नहीं है। गुजारे की खेती नष्ट होने से परिस्थतियां और भयानक हो जाती है। उन्होंने सरकार से कहा कि वह कलाकारी की राजनीति करती है। बाढ़ में फसे लोगों को रिलीव कैंप में पहुंचाया लेकिन इसके बाद वे लोग कहां जाएंगे। महंगाई के सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि महंगाई भाजपा के दौर में बढ़ी और वहीं भजापा के नेता आरोप लगाते हैं कि महंगाई कांग्रेस की वजह से आई है। बांध के सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि बांध बनाना कोई गलत बात नहीं है यह सिंचाई के काम में आता है लेकिन इसकी मॉनिटरिंग ठीक ढंग से नहीं किया और मड़ीखेड़ा का डेम नहीं कचरा डेम बनाया है तो खतरा तो होगा। कोरोना के सवार पर कमलनाथ ने कहा कि सरकार को पहले से खतरे के बारे में पता था लेकिन इसकी कोई तैयारी नहीं की वहीं दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से लोगों की मौत हुई और भाजपा के नेताओं ने झूठ बोला कि ऑक्सीजन से एक भी मौत नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों का विश्वास नहीं है वह यहां निवेश करने नहीं आना चाहती। जब पत्रकारों ने सिंधिया से संबंधित सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि वह उनकी प्रतिनिधि बनकर नहीं आए हैं। जनता 2023 का इंतजार कर रही है।






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