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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी मामले को लेकर EaseMyTrip ने मालदीव की सभी फ्लाइट्स बुकिंग सस्पेंड कर दी हैं। रविवार देर रात EaseMyTrip के को-फाउंडर निशांत पिट्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी दी।
उधर, मालदीव सरकार ने अपने 3 मंत्रियों माल्शा शरीफ, मरियम शिउना और अब्दुल्लाह महजूम माजिद को निलंबित कर दिया है। इन्होंने ही PM मोदी और भारत के खिलाफ टिप्पणी की थी। साथ ही भारत की टूरिज्म सेक्टर में फेसेलिटीज को लेकर भी कमेंट्स किए थे।
इस बीच, सोशल मीडिया पर रविवार को दिनभर हैशटैग BoycottMaldives ट्रेंड हुआ। दूसरी तरफ बॉलीवुड एक्टर्स और नेटीजन्स ने लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने का समर्थन किया। इसके लिए लोगों ने भारत सरकार की तारीफ की और सोशल मीडिया पर #ExploreIndianIsland ट्रेंड कराया।


PM मोदी ने लक्षद्वीप दौरे की यह तस्वीर शेयर करते हुए कहा था- प्राकृतिक सुंदरता के अलावा लक्षद्वीप की शांति भी मंत्रमुग्ध कर देने वाली है।
मालदीव सरकार के प्रवक्ता बोले- हमारा रुख साफ, मंत्रियों को सस्पेंड किया
मालदीव सरकार के प्रवक्ता इब्राहिम खलील ने कहा था कि भारत के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट के हवाले से जो कुछ चल रहा है, उसके बारे में हमारी सरकार रुख साफ कर चुकी है। फॉरेन मिनिस्ट्री ने भी बयान जारी किया है। भारत के बारे में कमेंट्स करने वाले सभी सरकारी अफसरों को फौरन सस्पेंड किया जा रहा है।

PM मोदी 2-3 जनवरी को लक्षद्वीप में थे। उन्होंने यहां की तस्वीरें शेयर की थीं।
मालदीव की मंत्री ने PM मोदी को आपत्तिजनक शब्द कहे
मंत्री मरियम शिउना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में PM मोदी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। वहीं, नेता जाहिद रमीज लिखा कि भारत सर्विस के मामले में हमारा मुकाबला नहीं कर सकता। मरियम यूथ एम्पावरमेंट, इन्फॉर्मेशन एंड आर्ट की डिप्टी मिनिस्टर थीं।
उनकी इस पोस्ट पर मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कहा- शिउना ने गलत शब्द कहे हैं। ये बात मालदीव की सुरक्षा और समृद्धि को खतरे में डाल सकती है। राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की सरकार को ऐसी टिप्पणियों से दूरी बनानी चाहिए।

मालदीव के नेता ने लिखा- वहां सफाई नहीं, कमरों से बदबू आती है
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने PM मोदी का लक्षद्वीप वाला वीडियो शेयर करते हुए लिखा- बढ़िया कदम है! यह मालदीव की नई सरकार के लिए एक बड़ा झटका है, जो चीन की कठपुतली है। इस दौरे के बाद लक्षद्वीप में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके जवाब में PPM के नेता जाहिद रमीज ने लिखा- बेशक यह अच्छा कदम है, लेकिन भारत कभी हमारी बराबरी नहीं कर सकता। मालदीव पर्यटकों को जो सर्विस देता है, वो भारत कैसे देगा। वो इतनी सफाई कैसे रख पाएंगे, जितनी हम रखते हैं। उनके कमरों में आने वाली बदबू टूरिस्टों के लिए सबसे बड़ी दिक्कत होगी।

यह विवाद क्यों बढ़ा
PM मोदी ने लक्षद्वीप दौरे का एक वीडियो शेयर किया था। इसमें खूबसूरती के लिहाज से लक्षद्वीप अब मालदीव को टक्कर देता नजर आया। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग कहने लगे कि लाखों रुपए खर्च कर मालदीव जाने से बेहतर है कि लक्षद्वीप जाएं।
इससे मालदीव के मंत्री और नेता नाराज नजर आए। उनके आपत्तिजनक पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर भारतीयों और मालदीव के नागरिकों के बीच जंग छिड़ गई। भारत के लोगों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि देश में हैशटैग BoycottMaldives ट्रेंड करने लगा। लोग मालदीव का जमकर विरोध करने लगे। लोगों का कहना है कि PM मोदी के लक्षद्वीप दौरे से मालदीव के टूरिज्म को तगड़ा झटका जरूर लगने वाला है। दूसरी तरफ नेटीजन्स भारत के टूरिज्म सेक्टर को #ExploreIndianIsland से सपोर्ट करने लगे।
टूरिज्म सेक्टर में समर्थन से जुड़े भारतीयों-सितारों के पोस्ट्स पर एक नजर…








मालदीव सरकार की सफाई
प्रधानमंत्री मोदी पर मालदीव के दो मंत्रियों की टिप्पणी का भारत में जबरदस्त विरोध हुआ। इसके बाद मालदीव सरकार ने बयान जारी किया और विवाद शांत करने की कोशिश की। बयान में कहा गया- सोशल मीडिया पर विदेशी नेताओं और अहम लोगों के बारे में अपमानजनक टिप्पणियों पर मालदीव सरकार की नजर है। यह कमेंट्स पर्सनल हैं और मालदीव सरकार का नजरिया नहीं हैं।
इसी बयान में आगे कहा गया- हमारी सरकार मानती है कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का हक है, लेकिन यह राय जिम्मेदारी से देनी चाहिए। इस तरह की बयानबाजी से नफरत या दुश्मनी नहीं फैलनी चाहिए। इससे मालदीव और दुनिया में उसके सहयोगियों के रिश्ते खराब नहीं होने चाहिए। हम ये भी साफ कर देना चाहते हैं कि इस तरह की अपमानजनक बयानबाजी करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में मालदीव सरकार कोई संकोच नहीं करेगी।
राष्ट्रपति मुइज्जू ने ‘इंडिया आउट’ का नारा दिया था
मालदीव में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के सत्ता संभालने के बाद भारत के साथ रिश्तों में खटास आई है। मुइज्जू चीन समर्थक माने जाते है। वो अपने देश से भारतीय सैनिकों को निकालने के लिए तैयार हैं। उन्होंने मालदीव में भारतीय सेना की मौजूदगी के खिलाफ ‘इंडिया आउट’ का नारा दिया था और इसे लेकर कई प्रदर्शन भी हुए थे।
मालदीव की नई सरकार को लगता है कि उनके देश में भारतीय सैनिकों की मौजूदगी संप्रभुता के लिए खतरा है।









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