बिजनौर

बिजनौर में मंगलवार देर रात तेज रफ्तार कार रेलिंग तोड़ते हुए 30 फीट नीचे नदी में गिर गई। हादसे के वक्त कार में दो भाई समेत 5 दोस्त सवार थे। इनमें 4 की मौत हो गई। जबकि एक कार के पीछे का शीशा तोड़कर बाहर आ पाया। करीब 2 घंटे तक कार पानी में पड़ी रही। कार ग्राम प्रधान की थी, 15 दिन पहले ही उसने खरीदी थी।
प्रधान के एक बेटे की मौत हो गई। जबकि दूसरा बेटा कार से बाहर निकल आया। हालांकि, उसकी हालत अभी ठीक नहीं है। उसने बताया कि नदी से बाहर आकर मैं चिल्लाया। वहां से गुजर रहे एक ट्रैक्टर चालक ने आवाज सुनी। फिर पुलिस और ग्रामीणों को सूचना दी।

यह फोटो चारों मृतक की फाइल है, इनकी हादसे में मौत हो गई।
दो घंटे चला रेस्क्यू तब कार को नदी से बाहर निकाला
मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन और रस्सी की मदद से कार को बाहर निकालने की कोशिश की। पुलिस ने पहले जेसीबी बुलाकर रेस्क्यू का प्रयास किया। लेकिन कार बाहर नहीं निकल पाई। इसके बाद हाइड्रा मंगाया गया। अंधेरा होने के कारण कोई भी नीचे उतरने को तैयार नहीं था। बमुश्किल गांव का एक व्यक्ति हाइड्रा के तारों से लटककर नीचे पहुंचा और कार को कसा।
इसके करीब दो घंटे बाद कार को बाहर निकाला गया। कार के अंदर सभी चार दोस्तों के शव मिले। चारों एक ही गांव के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि कार की तेज स्पीड के कारण हादसा हुआ है। हादसा शाम करीब 9 बजे के आसपास हुआ

जब कार को 2 घंटे से ज्यादा वक्त बाद बाहर निकाला गया तो कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी।
मेला देखकर लौट रहे थे घर, रास्ते में हादसा
शेरकोट थाना क्षेत्र के नूरपुर छीबरी गांव के प्रधान रऊफ अहमद ने नई कार खरीदी थी। उनके दो बेटे सिकंदर (20) और महरुफ (28) मंगलवार शाम तीन दोस्तों के साथ (38), अब्दुल रशीद ,राशिद (23) और फैसल (22) के साथ अफजलगढ़ में मेला देखने गए थे। रात को वापस लौट रहे थे, तभी तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर रामगंगा नदी पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नदी में जा गिरी।
कार सवार पांचों लोग अंदर फंस गए। इनमें से सिकंदर किसी तरह कार का शीशा तोड़कर बाहर आया। हालांकि, वह अपने भाई महरुफ और दोस्तों को नहीं बचा पाया। महरुफ विकलांग था। चारों की मौत हो गई।










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