लखनऊ

दिल्ली में BJP की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद यूपी में लोकसभा चुनाव के लिए चुनाव संचालन समिति का गठन कर दिया है। 5 सदस्यीय इस कमेटी के संयोजक यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को बनाया गया है। जबकि सह संयोजक PWD मंत्री जितिन प्रसाद को बनाया गया है।
प्रदेश उपाध्यक्ष मोहित बेनीवाल, कांता कर्दम, MLC धर्मेंद्र सिंह, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर और विधायक पंकज सिंह को समिति का हिस्सा बनाया गया है। इन पर प्रचार प्रबंधन, बूथ मैनेजमेंट और चुनाव आयोग से जुड़ी जिम्मेदारी होगी।

गुरुवार को दिल्ली में हुई बीजेपी की बैठक में हारी हुई लोकसभा सीटों का की गई रणनीति तैयार।
हारी हुई लोकसभा सीटों की रणनीति
2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 16 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि उपचुनाव में बीजेपी ने रामपुर और आजमगढ़ कि सीट पर फतेह हासिल कर ली थी। बची हुई 14 सीटों पर दिल्ली में हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में चर्चा हुई। इन सीटों पर चुनावी मैदान में उतरने वाले संभावित नाम पर राय मशवरा किया गया।
इन सीटों में गाजीपुर, घोषी, नगीना, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, श्रावस्ती, अंबेडकरनगर, लालगंज, मैनपुरी, जौनपुर, संभल, रायबरेली और मुरादाबाद है। अंबेडकरनगर में बसपा के सांसद रितेश पांडेय ने BJP ज्वाइंन किया है। इस तरह से यह सीट सुरक्षित मानी जा रही है।
मंत्री-विधायक, अभिनेता के साथ सहयोगी दलों को टिकट
सूत्रों की माने तो बीजेपी की चुनाव समिति हारी हुई सीटों पर सहयोगी दलों को भी चुनाव मैदान में उतार सकती है। रालोद से औपचारिक गठबंधन होने के बाद उसको बिजनौर और बागपत की सीट दी जा सकती है। वही सुभाषपा के खाते में घोसी की सीट जा सकती है।
बाकी सीटों पर मौजूदा सांसद-विधायक और फिल्मी दुनिया की हस्तियां चुनाव लड़ सकती है।

यूपी की हाई प्रोफाइल सीटों पर होगी बीजेपी की नजर।
यूपी की हाई प्रोफाइल सीटों पर होगी नजर
BJP की केंद्रीय चुनाव समिति में यूपी की हाई प्रोफाइल सीटों को लेकर भी चर्चा की गई। यूपी की 50 से ज्यादा सीटों के उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा की गई। मसलन, वाराणसी से पीएम मोदी, लखनऊ से रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, अमेठी से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, आगरा से केंद्रीय मंत्री केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल और मुजफ्फरनगर से केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान का नाम तय माना जा रहा है।
अब आपको बताते हैं कि किस आधार पर टिकट कटेगा
BJP की लोकसभा चुनाव समिति 80 के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है। ऐसे में BJP 3 आधार पर टिकट काट सकती है…

75 साल के दायरे में आने वाले सांसदों का कटेगा टिकट।
75 साल के दायरे में आने वाले सांसदों का कटेगा टिकट
भारतीय जनता पार्टी 75 साल के दायरे में आने वाले सांसदों की टिकट काटने की तैयारी में है। इनमें मथुरा से सांसद हेमा मालिनी, प्रयागराज से सांसद रीता बहुगुणा जोशी, बरेली से सांसद संतोष गंगवार, कानपुर से सांसद सत्यदेव पचौरी और बहराइच से सांसद अक्ष्यवर लाल गौड़ का नाम शामिल है।

विवादों में रहे सांसदों का कटेगा टिकट।
विवादों में रहे सांसदों का कटेगा टिकट
इस बार लोकसभा चुनाव में बीजेपी उन सांसदों से भी दूरी बनाएगी, जो विवादों में रहे हैं। जिनमें कैसरगंज से सांसद बृजभूषण शरण सिंह का नाम और खीरी से सांसद अजय मिश्र टेनी का नाम शामिल है।

ख़राब परफॉर्मेंस वाले सांसदों का कटेगा टिकट।
एंटी इनकन्वेंसी के कारण कटेगा टिकट
ऐसे सांसद, जिनका परफॉर्मेंस उनके ही क्षेत्र में खराब है। जनता के बीच उनके लिए एंटी इनकन्वेंसी का माहौल है। इसमें मोहनलालगंज से सांसद कौशल किशोर, डुमरियागंज से सांसद जगदंबिका पाल, मेरठ से सांसद राजेंद्र अग्रवाल, सुल्तानपुर से सांसद मेनका गांधी, पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी का नाम शामिल हैं।










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