Press "Enter" to skip to content

गुड्डू जमाली BSP छोड़कर सपा में शामिल हुए: धर्मेंद्र यादव के खिलाफ चुनाव लड़ा था आजमगढ़ में /#उत्तरप्रदेश न्यूज़

लखनऊ

लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी के नेता शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने बुधवार को लखनऊ में सपा की सदस्यता ली।

बहुजन समाज पार्टी के नेता शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली बुधवार को समाजवादी पार्टी के साथ आ गए। 2 बार विधायक रहे जमाली ने 2022 विधानसभा चुनाव आजमगढ़ से धर्मेंद्र यादव के खिलाफ लड़ा था। लखनऊ में गुड्डू जमाली ने सपा जॉइन करते ही सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इतनी बेईमान सरकार मैंने आज तक नहीं देखी है। राम की कसम खाकर झूठ बोलते हैं।

उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली। अखिलेश यादव ने कहा, ”आज मंच पर सभी प्रकार के भगवान के नाम के नेता हैं। हमारे चाचा के नाम में जो भगवान हैं, आप लोग तो जानते हैं। एक बार समुद्र मंथन हुआ था, इस बार चुनाव में संविधान मंथन होने जा रहा है।”

अखिलेश यादव ने कहा, कुछ लोग जान बचाने और कुछ लोग सम्मान बचाने के लिए भाजपा के साथ गए हैं।

अखिलेश यादव ने कहा, कुछ लोग जान बचाने और कुछ लोग सम्मान बचाने के लिए भाजपा के साथ गए हैं।

अखिलेश यादव ने कहा, “कुछ लोग जान बचाने के लिए, कुछ लोग सम्मान बचाने के लिए भाजपा के साथ गए हैं। आपको तो पता होगा कि एक असलहा मिला था, आप जानते होंगे पता कहां का था। एक फोर्स है STF तो कुछ लोग जान बचाने के लिए भी भाजपा के साथ गए हैं। ED की छापेमारी कौन सी नई बात है। पल्लवी से कोई विवाद नहीं हुआ, मैंने उनसे कह दिया की आप की अंतरात्मा जहां कहें वहां वोट कर दें।”

बुधवार को लखनऊ में बसपा नेता गुड्‌डू जमाली ने सपा की सदस्यता ली।

बुधवार को लखनऊ में बसपा नेता गुड्‌डू जमाली ने सपा की सदस्यता ली।

राज्यसभा चुनाव में वोटिंग लेकर अखिलेश यादव ने कहा, ”विधायक कह रहे थे कि अंतरात्मा से वोट दिया, लेकिन अंतर खात्मा हो गया है। सबसे बड़ा सवाल है कि जिन लोगों ने वोट दिया है, वो अपने वोटर्स के सामने क्या खड़े होंगे। PDA बढ़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी को पार्टियां तोड़नी पड़ रही हैं। इसलिए भाजपा को एक पार्टी बनाना चाहिए भारतीय सिद्धांत विहीन पार्टी।

अखिलेश यादव ने कहा कि विधायक कह रहे थे कि अंतरात्मा से वोट दिया, लेकिन अंतर खात्मा हो गया है।

अखिलेश यादव ने कहा कि विधायक कह रहे थे कि अंतरात्मा से वोट दिया, लेकिन अंतर खात्मा हो गया है।

गुड्डू जमाली बोले- बीजेपी को उखाड़ फेकेंगे
गुड्डू जमाली ने कहा- 2024 के चुनाव में बीजेपी को उखाड़ फेकेंगे। इस समय देश में दो खेमे हैं। एक देश को बांटना चाहते हैं, तो दूसरा जोड़ना चाहते हैं। मेरे दिल ने कहा कि जो देश को जोड़ना चाहते हैं। मैं उसके साथ रहूं। मैं BSP में 13 साल रहा, उसका भी एहसान है। लेकिन वो आज इस लड़ाई को नहीं लड़ रही है।

गुड्डू जमाली के नेतृत्व मे कई बसपा नेताओं ने सपा जॉइन की। इसमें अब्दुल्लाह अलाऊद्दीन, अख़लाक अहमद, अबरार अहमद, मिर्जी मेहफूस बेग, सोहेल, फैजान अहमद, अंवार अहमद, सुलेमान अंसारी, नोमान प्रधान जिलाउल रेहमान थे।

आलम बदी ने गले लगा कर गुड्डू जमाली का स्वागत किया।

आलम बदी ने गले लगा कर गुड्डू जमाली का स्वागत किया।

पसमांदा मुस्लिम समाज से आते हैं जमाली
आजमगढ़ में सपा पिछला लोकसभा चुनाव बसपा से गुड्डू जमाली के मैदान में उतरने से हार गई थी। सूत्रों के मुताबिक, जमाली पसमांदा मुस्लिम समाज से आते हैं। इसलिए अब आजमगढ़ सीट की किलेबंदी में सपा जुटी है। सपा उन्हें मार्च में होने वाले चुनाव में विधान परिषद भेजकर एक संदेश देना चाहती है।

भाजपा की नजर लगातार पसमांदा मुस्लिम समाज पर बनी है। 2022 में आजमगढ़ में हुए लोकसभा उप चुनाव में गुड्डू जमाली को 2.66 लाख वोट मिले थे और सपा के धर्मेंद्र यादव यह चुनाव करीब 8 हजार मतों से हार गए थे।

गुड्डू जमाली ने कहा, सपा की मैंने दिल से सदस्यता ली है।

गुड्डू जमाली ने कहा, सपा की मैंने दिल से सदस्यता ली है।

नवंबर, 2021 में गुड्डू जमाली ने बसपा के सभी पदों से इस्तीफा देने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। इसके बाद उनके सपा के टिकट पर मुबारकपुर से चुनाव लड़ने की चर्चा थी। हालांकि उन्हें प्रत्याशी घोषित करने के बजाय सपा ने स्थानीय नेता को टिकट दिया था। इसके बाद गुड्ड जमाली AIMIM से मुबारकपुर से विधानसभा का चुनाव लड़े, लेकिन चौथे स्थान पर रहे।

कौन हैं गुड्डू जमाली?
गुड्डू जमाली आजमगढ़ के मुबारकपुर के रहने वाले हैं और बड़े बिजनेसमैन हैं। 2022 के चुनाव के समय ओवर ऑल अमीरों की सूची में इनका नाम दूसरे नंबर पर था। शाह ने 2017 के चुनाव में बसपा के टिकट पर जीता था। शाह के पास कुल 195 करोड़ रुपए की संपत्ति है। इसमें 187 करोड़ रुपए की चल संपत्ति है, जबकि 8.39 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है।

साल 2022 में आजमगढ़ लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में उन्होंने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। जबकि सपा की ओर से यहां अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव को प्रत्याशी बनाया था। इस उप-चुनाव में धर्मेंद्र यादव को हार का सामना करना पड़ा था और BJP के दिनेश लाल निरहुआ चुनाव जीत गए थे। आजमगढ़ सीट समाजवादी पार्टी का गढ़ रही है।

2019 में अखिलेश यादव जीते थे चुनाव
2019 में इस सीट पर अखिलेश यादव की जीत हुई थी लेकिन यूपी विधानसभा चुनाव के बाद जब उन्होंने इस सीट से इस्तीफा दिया तो उपचुनाव में ये सीट सपा के हाथ से निकल गई थी। धर्मेंद्र यादव की हार के पीछे गुड्डू जमाली सबसे बड़ी वजह बने थे।

इस उपचुनाव में बीजेपी के दिनेश लाल निरहुआ 3,12,768 वोट मिले। जबकि सपा उम्मीदवार धर्मेंद्र यादव को 3,04,089 वोट और गुड्डू जमाली को 2,66,210 मिले। अगर बसपा ने उन्हें खड़ा नही किया होता यहां से सपा की जीत हो सकती थी।

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »
More from उत्तरप्रदेशMore posts in उत्तरप्रदेश »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!