लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शरीयत संविधान से बड़ी नहीं है। देश संविधान से चलेगा। शरीयत भारत से बड़ी नहीं हो सकती है। मुसलमानों को यहां घर-मकान सब मिल रहा है‚ उन्हें भारत का कानून भी मानना चाहिए। सीएम योगी का यह बयान मदरसा को लेकर बने कानून के रद्द करने के हाईकोर्ट के आदेश के बाद आया है। टीवी चैनल के इंटरव्यू में मदरसा एक्ट रद्द किए जाने के सवाल पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बयान दिया है।
शिक्षा के नाम पर किसी भी संस्था को मनमानी नहीं करने दी जा सकती
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि मदरसों का आधुनिकीकरण होना चाहिए। एक निजी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मदरसों के आधुनिकीकरण के सवाल पर कहा कि शरीयत हमारा व्यक्तिगत विषय हो सकता है‚ मगर वह संविधान से >पर नहीं। हम मदरसों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। हमें वैज्ञानिक‚ इंजीनियर और कुशल मानव संसाधन चाहिए। हमें अपने शिक्षण संस्थानों को उसी अनुरूप बनाना होगा। प्रदेश की शिक्षण व्यवस्था में एकरूपता लाना हमारी प्राथमिकता है।
सीएम योगी ने कहा कि यूपी में शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लायी जा रही है। इसके लिए मदरसों का आधुनिकीकरण भी किया जाना है। शरीयत संविधान से बड़ी नहीं हो सकती। अपनी–अपनी शिक्षा के नाम पर किसी भी संस्था को मनमानी नहीं करने दी जा सकती है॥। एक सवाल के जवाब में सीएम योगी ने कहा कि हम हिन्दू आस्था से खिलवाड़़ नहीं कर पाये‚ शायद तभी मुसलमानों के मन में जगह नहीं बना पाये हैं।
उन्होंने कहा कि हिन्दू भारत की मूल आत्मा है और इसका सम्मान हमें करना पड़े़गा। देश की आत्मा का अपमान नहीं किया जा सकता है। योगी ने कहा कि हम देश की सुरक्षा और हिन्दू आस्था से कोई समझौता नहीं कर सकते हैं। ईश्वर की कृपा और जनता का आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ है।










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