

नारई गांव में आयोजित की गई मटकी फोड़ प्रतियोगिता
शिवपुरी। जिस उम्र में लोग कुछ करने के बारे में सोचने से भी कतराते हैं उस उम्र में रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर डॉ. केएल राय ने ऐसा काम कर दिखाया जो पिछले आठ साल से कोई नौजवान भी नहीं कर सका। डॉ. राय ने ग्राम नारई में आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर तालाब में रखी मटकी पर रायफल से निशाना साधकर प्रतियोगिता को सफल बनाया, क्योंकि पिछले आठ साल से इस मटकी पर कोई भी प्रतिभागी निशाना नहीं साध पाया था।
करैरा विधानसभा के ग्राम नारई में ग्रामीणों द्वारा श्रावण मास के अवसर पर प्रतिवर्ष मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। ग्रामीण मटकी को तालाब में पानी के अंदर रखते हैं फिर बंदूक की गोली से इस पर निशाना साधना होता है। ग्रामीणों की मानें तो पिछले आठ वर्षों से इस मटकी को कोई भी नहीं फोड़ पाया। जब प्रतियोगिता की जानकारी डॉ. केएल राय को लगी तो वह गांव में पहुंचे और अपने हाथ आजमाए। डॉ. राय के हाथों में रायफल देखकर सैंकड़ों की संख्या में मौजूद ग्रामीण एवं युवा भी अचंभित थे, लेकिन जैसे ही डॉ. केएल राय ने मटकी को फोड़ा तो ग्रामीणों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ग्रामीणों ने डॉ. राय की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद युवाओं ने भी उनके साथ जमकर सेल्फी लीं। इस मौके पर बाबा अतरसिंह ठाकुर, अशोक तिवारी, सोमतीलाल रजक, कप्तान सिंह परिहार, वीरेन्द्र ठाकुर, कमलकिशोर तिवारी, प्रकाश जाटव, कल्ला जाटव, धनीराम पाल, वीरेन्द्र ठाकुर, राकेश जाटव, सोनू ठाकुर, वीरेन्द्र सिंह तोमर, खजान प्रजापति, देवेन्द्र ठाकुर, रोहित शर्मा, रामस्वरूप शर्मा, सरपंच चंद्रपाल सिंह, फूल सिंह प्रजापति, राकेश पाल, चंदन पारस, सूरज पारस, दीपक सिंह, परमू जाटव, चंद्रभान परिहार, राजवीर सिंह ठाकुर, नारायण पाल, लालराम जाटव, राहुल तिवारी, भूपेन्द्र ठाकुर, मनोज जाटव, वीरेन्द्र सिंह लोधी, कमलसिंह पाल, केपी सिंह लोधी, पंजाब सिंह नाथ, राकेश पाल, राकेश तिवारी पूर्व सरपंच नारई, अमरसिंह जाटव, रामरतन ओझा, लालसिंह लोधी, शिशुपाल सिंह ठाकुर फौजी, रघुराज सिंह ठाकुर, रामकिशन आदिवासी सहित सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों से दी भुजरिया की शुभकामनाएं
मटकी फोड़ प्रतियोगिता के बाद डॉ. केएल राय ने सावन के मौके पर आयोजित भुजरिया मेले में भाग लिया। इसके मौके पर डॉ. राय ने पूरे गांव में गांव के लोगों से मिलकर उनसे भुजरियां ली एवं उन्हें भी दीं। ग्रामीणों ने हर्षोल्लास के साथ भुजरिया का त्यौहार मनाया।






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