गोरमी।क्षेत्र के लगभग सभी ग्रामीण इलाके आवारा मवेशी की चपेट मे, किसान जो अन्नदाता है, वही आज अन्न के लिये मोहताज होता नजर आ रहा है, आवारा ढीली गई गाय फसलो को नष्ट कर रही है, इनकी संख्या आज इतनी बड़ गई कि, ये जिस खेत मे जाती है, उस खेत को बिल्कुल नष्ट कर देती है, यद्यपि सरकार द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत मे गौशाला खोलने की घोषणा की जा चुकी है, लेकिन पता नही ये योजना कब क्रियान्वित होगी, तब तक किसान दाने दाने के लिये मोहताज हों जायेगें
इनका कहना है
आवारा मवेशी ने हमारा जीना दुवर कर दिया है, इनकी बजह से हम नाते रिस्तेदारियों मे भी नही, जा पा रहे है
रविप्रताप सिहँ (पूर्व जनपद उपाध्यक्ष मेहगॉव)
आवारा छोड़ी गई गाये फसलो को भारी नुकसान पहुंचा रही है, यदि शीघ्र इनके विसय मे विचार नही किया गया तो फसले नष्ट हो जायेगी
संजीव(सन्जू)एक किसान
आवारा मवेशी फसलो को बहुत नुकसान पहुंचा रही है, चूकि जादातर मवेशी गॉव की हि है, यदि सब अपनी जिम्मेदारी समझ बंध ले तो इनकी संख्या बहुत कम हो जायेगी
सावित्री देवी(सरपंच मानहड)
फसले ही किसान की पूजी है, यदि यहि नष्ट हो गई तो अन्नदाता असहाय हो जायेगा, अत:सरकार को शीघ्र ही इनके विसय मे विचार करना चाहिए
रिपुदमन सिंह (पूर्व प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानहड. )






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