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बड़ी खबर- पिछोर से केपी सिंह, करैरा से जसमंत और पोहरी से सुरेश को मिला टिकिट, शिवपुरी और कोलारस की घोषणा बाकी

शिवपुरी – विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने आखिरकार अपनी सूची जारी  कर दी जिसमें पिछोर से केपी सिंह, करैरा से जसमंत जाटव और पोहरी से सुरेश रांठखेड़ा के नाम पर मोहर लगाई है। जबकि शिवपुरी और कोलारस के नामों की घोषणा होना अभी बाकी है। कांग्रेस ने पहली सूची में 230 में से 155 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा संभावित है। 
उल्लेखनीय है कि प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने कहा था कि एक नवम्बर को कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर देगी, लेकिन भाजपा ने प्रत्याशियों की घोषणा में बढ़त ले ली और इससे कांग्रेस की सूची में बदलाव की अटकलें भी तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने तय किया था कि शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धार्थ लढ़ा, कोलारस से वर्तमान विधायक महेन्द्र यादव, पोहरी से सुरेश राठखेड़ा और पिछोर से विधायक केपी सिंह को टिकट दिया जाएगा। करैरा की वर्तमान विधायक शकुन्तला खटीक का टिकट काटकर जसवंत जाटव को टिकट देने का निर्णय लिया गया था। इनमें से करैरा, पोहरी का अनुमान सही निकला जबकि पिछोर से केपी सिंह का टिकिट तो फायनल ही था। सूची में शिवपुरी और कोलारस का नाम अभी अटका दिए गए हैं। 
भाजपा ने जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में जो प्रत्याशी तय किए थे उससे कांग्रेस को अपनी सूची पर पुनर्विचार का एक मौका मिला है। भाजपा ने वर्तमान विधायक प्रहलाद भारती को लगातार तीसरी बार टिकट देने का फैसला लिया है। श्री भारती धाकड़ जाति के हैं जिनके इस विधानसभा क्षेत्र में 40 हजार से अधिक मतदाता हैं। इसी समीकरण को ध्यान में रखकर कांग्रेस ने सुरेश राठखेड़ा को उम्मीद्वार बनाना तय किया है। श्री राठखेड़ा भी धाकड़ जाति के हैं। अनुमान यह व्यक्त किया जा रहा था कि यदि कांग्रेस और भाजपा में से कोई एक धाकड़ उम्मीद्वार की घोषणा करेगा तो दूसरा दल ब्राह्मण उम्मीद्वार को टिकट देगा। दोनों दलों के पास धाकड़ और ब्राह्मण जाति के योग्य उम्मीद्वार हैं, परंतु भाजपा ने धाकड़ समुदाय के प्रहलाद भारती को टिकट देकर कांग्रेस को पशोपेश में डाल दिया।
भाजपा ने करैरा विधानसभा क्षेत्र से अपेक्षा के विपरीत राजकुमार खटीक की उम्मीद्वारी घोषित कर दी है। जबकि यहां से भाजपा टिकट के प्रबल दावेदार पूर्व विधायक रमेश खटीक और पूर्व विधायक ओमप्रकाश खटीक थे। ओमप्रकाश भाजपा उम्मीद्वार राजकुमार खटीक के पिता हैं और वह पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे, लेकिन पराजित हो गए थे जबकि 2013 के चुनाव में 2008 के चुनाव में विजयी हुए रमेश खटीक का टिकट काट दिया गया था। इस विधानसभा चुनाव में भी ओमप्रकाश और रमेश टिकट के प्रबल दावेदार थे, परंतु राजकुमार खटीक ने टिकट हासिल कर सभी को चौका दिया है। टिकट न मिलने से रमेश खटीक काफी आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि जब सर्वे में मेरा नाम सबसे आगे था तो फिर मेरा टिकट क्यों काटा गया और यदि टिकट काटा गया है तो इसका मतलब सर्वे आदि सब नाटक है। सूत्रों से जानकारी मिल रही थी कि रमेश खटीक टिकट के लिए कांग्रेस के संपर्क में भी बने हुए हैं। जबकि कांग्रेस ने भाजपा की सूची आने के पहले विधायक शकुन्तला खटीक का टिकट काटकर जसवंत जाटव को टिकट देने का निर्णय लिया।
कोलारस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने महेन्द्र यादव की उम्मीद्वारी तय की थी और भाजपा से अपेक्षा थी कि वह कांग्रेस से भाजपा में आए पूर्व विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी को उम्मीद्वार बनाएगी, लेकिन श्री रघुवंशी के पार्टी में विरोध के चलते कोलारस का टिकट अभी होल्ड किया गया है। इससे सोशल मीडिया में श्री रघुवंशी के कांग्रेस में जाने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं और यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कांग्रेस उन्हें शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की अनुशंसा पर चुनाव मैदान में उतार सकती है। शिवपुरी सीट पर भाजपा ने केबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया की उम्मीद्वारी तय की है जो कि रिश्ते में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ हैं। ऐसे में यह भी संभावना है कि शिवपुरी सीट पर सिंधिया टिकट का फैसला पार्टी पर छोड़ दें। 

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