शिवपुरी। अपने साले की हत्या करने के आरोपी जीजा और उसके पिता को दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश बीएस दीक्षित ने आजीवन कारावास एवं पांच हजार रूपए जुर्माने की सजा सुनाई है। बताया जाता है कि आरोपी जीजा राकेश अपने ससुराल वालों से इसलिए खिन्न था, क्योंकि वह उसकी पत्नि को उसके साथ नहीं भेज रहे थे और उसका ससुर अपनी बेटी की शादी कहीं और करना चाहता था। उसका रिश्ता भी दूसरी जगह कर दिया गया था। इस मामले मे शासन की ओर से पैरवी शासकीय लोक अभियोक भगवान दास राठौर ने की। अभियोजन की कहानी के अनुसार 21 अक्टूबर 2016 को रात में दो बजे युवक छोटू पुत्र महेश राम खेत पर पानी दे रहा था। उसी दौरान आरोपी राकेश एवं उसका पिता बनवारी वहां आ गए। राकेश ने छोटू की गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार किया। जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। इस मामले में तेंदुआ पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने पक्ष विपक्ष की बहस सुनने के बाद आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। साले की हत्या के दोषी जीजा एवं उसके पिता को उम्रकैद की सजा

शिवपुरी। अपने साले की हत्या करने के आरोपी जीजा और उसके पिता को दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश बीएस दीक्षित ने आजीवन कारावास एवं पांच हजार रूपए जुर्माने की सजा सुनाई है। बताया जाता है कि आरोपी जीजा राकेश अपने ससुराल वालों से इसलिए खिन्न था, क्योंकि वह उसकी पत्नि को उसके साथ नहीं भेज रहे थे और उसका ससुर अपनी बेटी की शादी कहीं और करना चाहता था। उसका रिश्ता भी दूसरी जगह कर दिया गया था। इस मामले मे शासन की ओर से पैरवी शासकीय लोक अभियोक भगवान दास राठौर ने की। अभियोजन की कहानी के अनुसार 21 अक्टूबर 2016 को रात में दो बजे युवक छोटू पुत्र महेश राम खेत पर पानी दे रहा था। उसी दौरान आरोपी राकेश एवं उसका पिता बनवारी वहां आ गए। राकेश ने छोटू की गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार किया। जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। इस मामले में तेंदुआ पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने पक्ष विपक्ष की बहस सुनने के बाद आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। 


