अब घरेलू गैस उपकरणों की जांच के बाद ही मिल सकेगा सिलेंडर

शिवपुरी। गैस लीक होने और सिलेंडर फटने के कारण होने वाले हादसों के बढ़ते आंकड़ों पर अंकुश लगाने को लेकर पेट्रोलियम मंत्रालय ने गैस एजेंसी द्वारा इस जांच को अनिवार्य कर दिया है। मंत्रालय द्वारा इस संबंध में एजेंसी संचालकों को गाइड लाइन जारी की है। अब रसोई गैस चूल्हा और अन्य उपकरणों की दो साल में एक बार अधिकृत मैकेनिक व कर्मचारियों से जांच कराना जरुरी है। यदि समय पर उपकरणों की जांच नहीं कराई तो ऐसे उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी सिलेंडर देने से इंकार कर सकती है। 
इसमें कहा है कि रसोई गैस उपकरणों की जांच कराने के लिए उपभोक्ताओं को निर्धारित शुल्क देना होगा। जांच करते समय निरीक्षक गैस उपकरण संबंधित खामियां दूर कर संबंधित उपभोक्ता को इसकी रसीद भी देगा। नियमों में बदलाव के साथ ही अब सुरक्षा बीमा नवीनीकरण के लिए यह जांच अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा गैस उपकरण जनित दुर्घटना के क्लेम के लिए भी यह जांच जरूरी है। बिना जांच रसीद के गैस कंपनी पीडि़त उपभोक्ता को सुरक्षा बीमा क्लेम की राशि देने से मना कर सकती है। 
गैस एजेंसी द्वारा नियुक्त कर्मचारी उपभोक्ता के घर जाकर इस बात की जांच करेगा कि गैस चूल्हा उपयुक्त स्थान पर रखा है या नहीं। प्रेशर रेग्युलेटर कैसे लगाया गया है उसकी स्थिति क्या है। रबर ट्यूब आईएसआई प्रमाणित है या नहीं। गैस पाइप कटा-फटा या पुराना तो नहीं।