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वर्तमान विधायक के कामकाज से जनता नाराज, फिर भी कांग्रेस की जीत मानकर चल रहे है मतदाता


कोलारस
कोलारस विधानसभा सीट पर वर्तमान में कांग्रेस के विधायक राम सिंह यादव
करीब पच्चीस हजार मतो से चुनाव जीत कर विधानसभा में मतदाताओ ने भेजे।
विधानसभा चुनाव में करीब एक वर्ष का समय शेष है। कौन बनेगा अगला विधायक
इसको लेकर राज एक्सपे्रस कोलारस एवं द टूडे टाईम्स शोसल मीडिया वेवसाईट के
द्वारा बीते एक माह से सर्वे का कार्य किया गया। कोलारस विधानसभा की चारो
दिशाओ में से केवल पश्चिम दिशा का सर्वे एक माह के दौरान पूर्ण हो पाया
किसानो के काम काज में लगे होने के कारण सर्वे करने में काफी विलम्ब हुआ।
चार चरणो में चार माह के दौरान सर्वे करने का निर्णय लिया गया। जिसमें
प्रथम चरण का सर्वे हुआ जिसमें कांग्रेस एवं भाजपा से लेकर बसपा में कौन
व्यक्ति टिकिल लाने से लेकर जीतने की स्थिति में है इस पर लोगो की राय ली
गई। राय के दौरान लोगो से पूछा गया कि क्या बसपा इस बार त्रिकोणीय मुकावले
में रहेगी। अथवा नही इस पर भी मतदाताओ की राय निकल कर सामने आई।

विधायक के काम काज से लोग नाराज, मिथलेश को बताया बेहतर
कोलारस
विधानसभा क्षेत्र के एक भाग का सर्वे किया गया जिसमें तीनो दलो के
उम्मीदवारो के सवाल पर पहला सवाल बर्तमान विधायक के काम काज को लेकर पूछा
गया तो कार्यकर्ताओ से लेकर मतदाता सभी विधायक के काम काज से नाराज दिखे।
वहीं लोगो का कहना था कि प्रत्याशी बदला जाये तो कांग्रेस के पुन: आने की
बात मतदाताओ ने कही। भाजपा से व्यापारी, किसान, आम आदमी सभी नाराज दिखाई
दिये। कांग्रेस में जीतने बाले प्रत्याशी का नाम पूछा गया तो पश्चिम यानि
खरई क्षेत्र से लगे करीब दो दर्जन से अधिक गांव के मतदाताओ ने चुनाव जीतने
बाले प्रत्याशीओ में सबसे पहला नाम मिथलेश यादव का बताया उसके बाद अन्य
उम्मीदवारो के नाम पूछे गये जिनके बारे में क्रमश: मतदाताओ ने रविन्द्र
शिवहरे, बैजनाथ सिंह यादव, वर्तमान विधायक राम सिंह यादव, महेन्द्र यादव
एवं शिवनंदन पडरया के नाम पूछे गये तो मतदाताओ ने इनके नाम क्रमवार इसी
हिसाव से बताये। कुल मिला कर बर्तमान विधायक के काम काग से लोग नाराज दिखाई
दिये फिर भी आज चुनाव होने पर लोगो ने कांग्रेस प्रत्याशी के जीतने की बात
प्रत्याशी बदलने की शर्त पर बताई।

भाजपा से सबसे ताकतवर प्रत्याशी के रूप में बीरेन्द्र
कोलारस
विधानसभा सीट के मतदाताओ से तीनो दलो में चुनाव जीतने बाले प्रत्याशीयो
में भाजपा के छ: उम्मीदवारो के नाम जब मतदाताओ से पूछे गये तो मतदाताओ का
कहना था कि पूर्व विधायक देवेन्द्र जैन काफी लम्बे अंतराल से चुनाव हारे
है। इस कारण काफी अंतराल से चुनाव हारने के कारण भाजपा देवेन्द्र जैन को
उम्मीदवार नही बनायेगी। किन्तु पूर्व विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी का नाम पूछा
गया तो मतदाताओ का कहना था कि विधायक से भी ज्यादा और भाजपा के अन्य
उम्मीदवारो की तुलना में सबसे ज्यादा मेहनत वीरेन्द्र रघुवंशी कर रहे है।
टिकिट की रेस में चुनाव में टक्कर देने से चुनाव जीतने तक सबसे मजबूत
प्रत्याशी के रूप में पहला नाम मतदाताओ की जुवान से वीरेन्द्र रघुवशी का
निकला उसके बाद पूर्व विधायक देवेन्द्र जैन को कार्यकर्ताओ ने अपनी पहली
पसंद बताया। वहीं इसके बाद क्रमश: रामस्वरूप रिझारी, कल्याण सिंह यादव,
सुशील रघुवंशी, धनपाल सिंह यादव के नाम मतदाताओ से पूछने पर इस प्रकार
क्रमानुसार जीतने बाले प्रत्याशीओ में गिनाये। दूसरे चरण का सर्वे
अक्टूम्बर माह में किया जायेगा। चार माह में चारो दिशाओ का सर्वे करने के
बाद अंतिम निष्कर्ष यानि परिणाम तक पहुंचा जा सकेगा।

बसपा के बारे में लोगों की मिली जुली राय
बहुजन
समाज पार्टी जो कि एक समय देश की तीसरा राजनैतिक दल माना जाता था। किन्तु
उत्तर प्रदेश की हार और टिकिट बटवारे में पैसो के लेन देन के चलते बसपा की
शाख उत्तर प्रदेश में गिरी जिसका असर मध्य प्रदेश में भी साफ साफ दिखाई
देता है। बसपा के बारे में जब लोगो की राय पूछी गई तो लोगो का कहना था कि
उत्तर प्रदेश की तरह मध्य प्रदेश में भी बसपा से कांग्रेस का गठवंधन होता
है। तो कोलारस से बसपा का प्रत्याशी मैदान में शायद नही होगा। और यदि
गठबंधन नही होता है और बसपा में जो लोग टिकिट की मांग कर रहे है। यदि उनमें
से प्रत्याशी बनाया जाता है। तो बसपा का तीसरे नम्बर पर लगातार बने रहना
तय है। और यदि बसपा कांग्रेस से गठबंधन नही करती है और चुनाव जीतने बाले
उम्मीदवार की खोज करती है जिसमें से भाजपा अथवा कांग्रेस से टिकिट न मिलने
पर नाराज किसी प्रभावशाली व्यक्ति को बसपा अपना उम्मीदवार बनाती है तो बसपा
कोलारस विधानसभा सीट से त्रिकोणीय मुकावले में नजर आ सकती है। कोलारस
विधानसभा क्षेत्र के पश्चिमी भाग में एक माह के दौरान लोगो से चर्चा के
दौरान जो स्थिति नजर आई वह सामने है। अभी अंतिम सर्वे आने में तीन माह का
समय लग सकता है। क्यो कि किसान, व्यापारी, आम आदमी सभी काम काज में व्यस्थ
है।

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