नमोनगर में नाले की बेसकीमती जमीन पर ताने डुप्लेक्स, प्रशासन मौन
भू-माफिया हावी, खेतों में काटी जा रही हैं कालोनियां
बैनर-पोस्टर लगाकर खरीदने का दिया जा रहा है लालच
शिवपुरी। दो साल की मंदी के बाद शहर में भू-माफिया फिर से सक्रिय हो गए हैं। भू-माफियाओं द्वारा न केवल शहर के सरकारी नालों पर कब्जे किए जा रहे हैं कि बल्कि नियम विरुद्ध खेतों में भी कालोनियां काटी जा रही हैं। एकदम हावी हुए भू-माफियाओं के निशाने पर इस बार शहर के दूरस्थ और देहाती माने जाने वाले इलाके शामिल हैं। जिस तरह से शहर में नई कालोनियां देखने को मिल रही है, उन्हें देखकर लगता है कि भू-माफिया पूरी तरह से शासन और प्रशासन पर हावी है। कॉलोनियों के निर्माण में पूरी तरह से नियमों को ताक पर रखा जा रहा है। अवैध रूप से बनाई गई इन कालोनियों में मकानों की बिक्री के लिए भू-माफियाओं द्वारा खरीददारों को तरह-तरह के लालच, प्रलोभन और स्कीमें दी जा रही हैं, लेकिन सुविधाएं कुछ भी नहीं। सूत्रों की मानें तो नमोनगर कॉलोनी में पानी की निकासी के लिए शासकीय नाला था, लेकिन भूमाफियाओं द्वारा प्रशासन से सांठगांठ कर पूरे नाले को पाट दिया गया है। भूमाफियाओं द्वारा इस बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर शासन को लाखों रुपए की चपत लगाई जा रही है।
नियमानुसार जहां कालोनी विकसित की जाती है वहां पर सड़क, स्कूल, पार्क, पानी बिजली और अस्पताल आदि मूलभूत सुविधाएं होना चाहिए, लेकिन शहर में जो कालोनियां सामने आ रही हैं, उनसे यह सारी सुविधाएं गायब हैं। सूत्रों की मानें तो जो नई कालोनियां बनाई जा रही हैं उनके मकानों की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। घटियां सामग्री का प्रयोग कर उनकी ऊपरी डैटिंग-पैंटिंग कर चमकाया गया है, जिससे खरीदार आकर्षित हो सकेें। नई विकसित कालोनियों में कई मामलों में तो रजिस्ट्रियां तक नहीं कराई जा रही हैं बल्कि अनुबंध और शपथ पत्रों के आधार भी ही उनका विक्रय किया जा रहा है। इन कॉलोनाइजरों की शिकायतें जिला प्रशासन के पास के भी पहुंच चुकी है, लेकिन नियम विरुद्ध कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है।
शिवपुरी में ग्वालियर वायपास रोड, सर्किट हाउस रोड, रेलवे स्टेशन रोड, पीएस होटल के पास, केटीएम कॉलेज के पास अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। कॉलोनी काटने वाले भूमाफियाओं के पास किसी भी तरह का कॉलोनाइजर का लायसेंस नहीं है, न ही टाउन कंट्री प्लानिंग से इनको पास किया गया है। खुलेआम सरकार को टैक्स का चूना लगा रहे हैं। भूमाफिया अवैध कॉलोनियां काटकर लोगों को भ्रमित करके प्लाट बेच रहे हैं जिससे आने वाले समय में लोगों को भी परेशानी होगी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 में नोटबंदी के बाद जमीन और मकानों के क्रय-विक्रय का धंधा एक तरह से न के बराबर रह गया था, लेकिन पिछले छह महीनों से इस शहर में इस कारोबार में तेजी से देखने को मिल रही है। विधानसभा चुनावों का भी भू-माफिया ने पूरा लाभ उठाया और इन दो महिनों में कई अवैध कालोनियां सामने आ गई। प्रशासन चुनाव कार्य में व्यस्त रहा और इसका भरपूर फायदा शहर के भू-माफियाओं ने उठाया। चुनावी बेला में शहर के दूरस्थ इलाकों में कई नई कालोनियां सामने आ चुकी हैं। वहीं शहर को अवैध कब्जे के चलते शहर के नाले भी पाट दिए गए हैं। सरकारी नालों के ऊपरभी धड़ल्ले से निर्माण किए गए। कॉलोनियों के अलावा बड़ी संख्या में डुप्लेक्स भी तनकर तैयार हो चुके हैं। कालोनियों की तरह इन डुप्लेक्सों के निर्माण में सरकारी नियम और शर्तों का पूरी तरह से उल्लघंन किया गया है।
नमोनगर में नाले पर किया कब्जा
सूत्रों की मानें तो नमोनगर कॉलोनी में पानी की निकासी के लिए शासकीय नाला था, लेकिन भूमाफियाओं द्वारा प्रशासन से सांठगांठ कर पूरे नाले को पाट दिया गया है। भूमाफियाओं द्वारा इस बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर शासन को लाखों रुपए की चपत लगाई जा रही है।






Be First to Comment