
कोलारस।
सरकार द्वारा जीएसटी लागू होने के बाबजूद भी लोगो को कच्चे बिल पर ही
समाग्री दी जा रही है। बाजारो में आम लोगो से लेकर किसानो को बिल मांगने पर
भी नही दिया जा रहा। पिछले चार वर्षो से अति ब्रष्टिï एवं प्रक्रतिक आवदा
से प्रभावित हो रहे किसानो के लिए यह बहुत बडी समस्या है कीटनाशक दुकानो पर
भी किसानो को पक्का बिल नही दिया जा रहा है। अधिकांश दुकानो पर लाखो का
व्यापार प्रति दिन हो रहा है। जिनमें सीमेन्ट से लेकर सरिया होटल सहित
कीटनाशक दुकान से लेकर कपडो की दुकान सहित किराना दुकाने शामिल है। ग्रामीण
क्षेत्र के भोले भाले किसान कम भाब के लालच में आकर कच्चा बिल ले लेते है
जो दुकानदार उन्हे थमा देता है जब फसल प्रभावित होती है और बीज का अंकुरण
नही होता तो वह इधर उधर गुहार लगा कर रह जाते है किसानो के पास ऐसा कोई
प्रमाण नही होता है कि उक्त खाद बीज व कीटनाशक दवा की खरीदी किस व्यापारी
से की गई है। कोलारस में खाद की दुकाने संचालित है जिन पर लम्बे समय से
नकली खाद खपाया जा रहा है इनके द्वारा भी किसानो को अच्छा खाद बता कर कम
भाव में बेचा जा रहा है परन्तु फसलो में डालने के बाद फसल खराब हो जाती है
यही हाल कीटनाशक दवाओ का है आज कल आगरा से लेकर झांसी इन्दौर सहित अनेक
स्थानो से खरपतवार दवायें दुकानो पर आ रही है। सरकार ने जहां जीएसटी लागू
तो कर दिया है परन्तु व्यापारी से लेकर दुकानदार पक्का बिल देने में
आनाकानी करते हुये दिखाई दे रहे है।
सरकार द्वारा जीएसटी लागू होने के बाबजूद भी लोगो को कच्चे बिल पर ही
समाग्री दी जा रही है। बाजारो में आम लोगो से लेकर किसानो को बिल मांगने पर
भी नही दिया जा रहा। पिछले चार वर्षो से अति ब्रष्टिï एवं प्रक्रतिक आवदा
से प्रभावित हो रहे किसानो के लिए यह बहुत बडी समस्या है कीटनाशक दुकानो पर
भी किसानो को पक्का बिल नही दिया जा रहा है। अधिकांश दुकानो पर लाखो का
व्यापार प्रति दिन हो रहा है। जिनमें सीमेन्ट से लेकर सरिया होटल सहित
कीटनाशक दुकान से लेकर कपडो की दुकान सहित किराना दुकाने शामिल है। ग्रामीण
क्षेत्र के भोले भाले किसान कम भाब के लालच में आकर कच्चा बिल ले लेते है
जो दुकानदार उन्हे थमा देता है जब फसल प्रभावित होती है और बीज का अंकुरण
नही होता तो वह इधर उधर गुहार लगा कर रह जाते है किसानो के पास ऐसा कोई
प्रमाण नही होता है कि उक्त खाद बीज व कीटनाशक दवा की खरीदी किस व्यापारी
से की गई है। कोलारस में खाद की दुकाने संचालित है जिन पर लम्बे समय से
नकली खाद खपाया जा रहा है इनके द्वारा भी किसानो को अच्छा खाद बता कर कम
भाव में बेचा जा रहा है परन्तु फसलो में डालने के बाद फसल खराब हो जाती है
यही हाल कीटनाशक दवाओ का है आज कल आगरा से लेकर झांसी इन्दौर सहित अनेक
स्थानो से खरपतवार दवायें दुकानो पर आ रही है। सरकार ने जहां जीएसटी लागू
तो कर दिया है परन्तु व्यापारी से लेकर दुकानदार पक्का बिल देने में
आनाकानी करते हुये दिखाई दे रहे है।






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