
करैरा।
बारिश ना होने से फसले ही नहीं सब्जी और फूलों की खेती पर भी बुरा असर पड़
रहा है पकने से पहले ही सब्जी और फूल खराब हो रहे हैं कीड़ों के प्रकोप से
परेशान किसान टमाटर को पकने से पहले ही तोड़कर बेच रहे हैं ऐसे में
किसानों को सब्जियों का सही दाम भी नहीं मिल पा रहा उध्धानिकी विशेषज्ञों
का कहना है कि तापमान और उमस बढऩे के कारण सब्जी और फूलों की खेती को रोक
लगने लगा है।
करैरा सब्जी मंडी में रोज सुबह 10 से 20 कुंटल टमाटर आ रहा
है लेकिन इनमें से एक भी टमाटर पककर लाल नहीं होता सभी टमाटर हरे रंग के
हैं टमाटर लेकर आए किसानों के अनुसार यदि टमाटरों के पकने का इंतजार किया
तो आधे से ज्यादा टमाटर को कीड़े खराब कर देंगे जो कच्चे टमाटर के साथ लेकर
आ रहे हैं उनमें से काले काले रंग के धब्बे वा छोटे-छोटे छेद हो गए हैं
कीडों व रोग के डर से किसान टमाटर को पकने से पहले तोड रहे है इससे किसानों
को ही नुकसान हो रहा है मंडी में पके हुए टमाटरों का थोक भाव 55 से 60
रूपए प्रति किलों है जबकि कच्चे टमाटर 17 से 25 रूपए किलों में बिक रहे है
टमाटर को पकने में 10 से 12 दिन का समय और लगेगा उसके बाद किसानों को भरपूर
भाव मिल सकता है लेकिन किसानों का कहना है कि पकने का इंतजार किया जो रोग
से पूरी पैदावार खराव हो जाएगी
सब्जी की फसलों पर फंगस रोग का हमला
टमाटर
के अलावा तोराई, लौकी, भिंडी, और कद्दू जैसी सब्जियों में भी काले काले
दाग व छेद दिखने लगे है उध्धानिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया की
सब्जियों पर फंगस रोग का हमला हुआ है पानी की कमी के बाद तापमान व उमस बढने
के कारण सब्जियों में यह रोग पनपता है उमस का कम होना और अच्छी बारिश ही
इस रोग को रोक सकती है जितनी उमस बढती है उतना ही फंगफ रोग का प्रकोप बढता
है इस रोग से पौधो की पत्तियों से लेकर सब्जिया तक में काले काले धब्बे लग
जाते है और धीरे धीरे फंगस के कीडे पत्ते व सब्जी को खाते जाते है
फूलों पर भी रोग का हमला
अकेली
सब्जियों की फसल ही नहीं फूलों की खेती पर भी फंगस रोग का हमला हो गया
करैरा व दिनारा क्षेत्र में कई किसान है जो गुलाब गेंदा और अन्य फूलों की
खेती करते हैं पिछले 20 दिन में गुलाब की खेती पर छोटे-छोटे कीडों का हमला
हो गया है यह कीडे फूल की पत्तियों को खाने लगे है इस कारण फूल का आकर बडा
नही हो पा रहा फूलों की खेती करने वाले बद्री कुशवाहा के अनुसार कीड़े अब
पौधों पर आई कलियों को ही खाने लगे हैं इससे फूलों की पैदावार घटती जा रही
है।






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