Press "Enter" to skip to content

पोहरी राजनीति- दो की लड़ाई में तीसरे की बाजी मारने की बढ़ी संभावनाएं

शिवपुरी। शिवपुरी जिले में कोलारस में भाजपा को छोड़कर दोनों प्रमुख दलों ने अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं और पूरा जिला चुनावी रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है, लेकिन पोहरी विधानसभा का चुनाव खासा दिलचस्प हो गया है। इसका प्रमुख कारण यह है कि भाजपा एवं कांग्रेस ने दोनों ही प्रत्याशी धाकड़ समाज से उतारे हैं जो पोहरी के इतिहास के विपरीत है, लेकिन दोनों दलों के बीच में एंट्री हाथी वाले प्रत्याशी की भी है। संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं कि कहीं हाथी वाले नेताजी इस कहावत को चरितार्थ कर सकते हैं कि दो की लड़ाई में बाजी तीसरे ने मारी। 
पोहरी के राजनीतिक इतिहास की बात करें तो अभी तक धाकड़ और ब्राह्मण समाज के प्रत्याशी ही जीतते आ रहे हैं (आरक्षित सीट को छोड़कर)। पोहरी में राजनीति के जानकारों की यही धारणा रही है कि यहां पर ब्राह्मण और धाकड़ (किरार) वोट बैंक जीत का निर्धारण करने में अहम भूमिका निभाता है। इस बार के समीकरण कुछ अलग ही दिखाई दे रहे हैं क्योंकि इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों प्रमुख दलों ने धाकड़ समाज के प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा है। भाजपा ने पोहरी के इतिहास को बदलने वाले दो बार के विधायक प्रहलाद भारती पर अपना विश्वास कायम रखा है, वहीं कांग्रेस ने सुरेश रांठखेड़ा को मैदान में उतारा है जिनकी किसान नेता के रूप में छवि मानी जाती है। ऐसे स्थिति में वर्तमान में ब्राह्मण वर्ग के किसी प्रत्याशी को टिकिट नहीं मिलने से समाज में असंतोष अवश्य नजर आ रहा है। दोनों धाकड़ प्रत्याशी एक-दूसरे के वोटों में सेंध लगाएंगे यह तो निश्चित ही है, लेकिन ऐसे में तीसरे प्रत्याशी बसपा से कैलाश कुशवाह हैं। जिनका भी क्षेत्र में मजबूत जनाधार नजर आ रहा है जिन्हें किसी से कम नहीं आंका जा सकता। इसकी खासबात यह है कि कैलाश कुशवाह के साथ बसपा का परंपरागत वोट बैंक तो है ही साथ ही बड़ी संख्या में कुशवाह वोट बैंक भी है। राजनीति सूत्रों की मानें तो कुशवाह जी को उस समाज के वोटरों का भी समर्थन मिल रहा है जिनकी पोहरी की राजनीति में हमेशा से उपेक्षा होती आ रही है। पोहरी में अन्य समाजों में इस बात का भी असंतोष रहता है कि राजनीतिक दलों (भाजपा-कांग्रेस) द्वारा पोहरी में धाकड़ और ब्राह्मण समाज के अलावा अन्य समाजों को महत्व नहीं दिया जाता इसलिए उन्हें इस बार अपनी अहमियत दिखाने का भी मौका कैलाश कुशवाह के रूप में मिला है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह चुनाव किसी किस मोड़ पर ले जाता है। 
More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!