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कल्याणपुर खदान बंद–सवाल ? सभी जिम्मेदार जब कल्याणपुर को लीगल ठहरा रहे थे तो खदान बंद क्यों?

शिवपुरी। कल्याणपुर की रेत खदान अंतत: बंद हो गई। मीडिया के बड़े दखल के बाद मनमसोस कर खनिज विभाग ने कल्याणपुर की पहले रॉयल्टी बंद की और बाद में हार थक कर यह निर्णय कल्याणपुर के बेनामी रेत माफियाओं को दो टूक सुना दिया कि कल्याणपुर से तुम अपना बोरिया विस्तर (बड़ी मात्रा में मशीनरी और रॉयल्टी काटने का काउन्टर) समेंट लो। खनिज विभाग के हाथ खड़े कर देने और कड़ाई से अपना उपरोक्त हुक्म कल्याणपुर के हाकिमों को सुना देने का नतीजा यह निकला कि कल्याणपुर का काला साम्राज्य पूरी तरह खत्म हो गया। कल्याणपुर का एक हाकिम जो करैरा तहसीलदार द्वारा रात में की गई डम्फरों की धरपकड़ से पहले डम्फरों में रेत भरने की टोकन मनी (रॉयल्टी का एडवांस) ले चुका था। वह कार्यवाही की भनक लगते ही डम्फर चालकों और उनके मालिकों की चढ़ाई से मोबाईल बंद करके खदान छोड़कर भागा। रात में ही सब कुछ पहले जैसा करने (व्यवस्था बनाने) के लिए सक्रिय हो गया उसके मोबाईल बंद करके भागने से यह संदेश गया कि एडवांस लेकर भागा हाकिम डम्फर चालकों के साथ 420 कर रहा हैं और कल्याणपुर के स्थान पर दतिया जिले की एक ऐसी पंचायत की रॉयल्टी काट रहा हैं जहां नदी में रेत ही नहीं है। इस खतरनाक संदेश से वेपरवाह कल्याणपुर के वेनामी हाकिमों में से एक हाकिम ने अपनी सक्रियता से रात में ही सब कुछ ठीक कर लिया और सुबह थाने में खड़े कराए गए डम्फरों को भी बिना किसी कार्यवाही के छोड़ दिया गया। जब मीडिया को यह जानकारी लगी तो सनसनीखेज स्तर पर तहसीलदार  की कार्यवाही के आगाज और अंजाम को आरोपित तौर पर भ्रष्ट व्यवस्था का परिणाम बताया गया। मीडिया ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर मौजूदा प्रशासन की कार्य प्रणाली की कलई खोलकर रख डाली। नतीजा यह हुआ कि कल्याणपुर की रेत खदान अंतत: प्रशासन को बंद करना पड़ी। कल्याणपुर के बेनामी हाकिमों मैं से एक हाकिम को डम्फर चालकों से ली गई एडवांस रॉयल्टी वापस करनी पड़ी और उसे यह भी कहने पर मजबूर होना पड़ा कि हालात संभाले से नहीं संभल रहे हैं। मैंने मशीनें भी कल्याणपुर से उठा ली हैं। मैं पूरा जोर इस तथ्य के लिए लगा रहा हूं कि जल्द से जल्द सब कुछ पहले जैसा जमा सकूं! फिलहाल कुछ हो नहीं पा रहा है क्योंकि आचार संहिता लगी और जो संरक्षणदाता हैं वह नानुकर कर रहे हैं जैसे ही सिक्का जमेगा वैसे ही मैं फिर से कल्याणपुर पर सक्रिय हो जाऊंगा। खबर हैं कल्याणपुर के वेनामी हाकिमों में से एक हाकिम जो भोपाल में आला अफसर का दर्जा रखता है उसकी सुनवाई जिला स्तर पर नौकरशाही यह कह कर नहीं कर रही हैं कि सर कल्याणपुर को यह लोग मैनेज नहीं कर पा रहे हैं। रोज सनसनीखेज सुर्खियां मीडिया में बन रही है। आचार संहिता भी लागू है तो सर प्लीज…। हा-हा-हा
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