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मामला 40 लाख की पकड़ी अवैध शराब का, ट्रक चालक, क्लीनर को हुई सजा, पर ठेकेदार का मामला डाला ठंडे बस्ते में
शिवपुरी। सितम्बर 2017 में कोलारस, तेंदुआ, सिटी कोतवाली द्वारा संयुक्त रूप से नाकाबंदी कर शराब कारोबारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी जिसमें पुलिस ने टमाटर की क्रेड़ों की आड़ में ट्रक में भरी 560 पेटी शराब कीमत 40 लाख रुपए की जब्त की थी। पुलिस ने तत्समय वाहन चालक लोकेश राजौरिया निवासी फतेहाबाद चंद्रवती गंज थाना नीलगंगा उज्जैन, महेश पुत्र लीलाधर बागरी निवासी थाना नीलगंगा उज्जैन सहित शराब दुकान के मालिक लक्ष्मीनारायण शिवहरे के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। खासबात यह है कि मामले में अभी तक जो कार्रवाई सामने आई है वह सिर्फ कर्मचारियों के खिलाफ सामने आई जबकि मुख्य आरोपी शराब ठेकेदार लक्ष्मीनारायण शिवहरे के खिलाफ कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने चालक, क्लीयर सहित छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
यहां बताना होगा कि सितम्बर 2017 में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने इंदौर ले जाई जा रही 40 लाख रुपए कीमत की शराब पकड़ी। यह शराब अंतरराज्यीय शराब ठेकेदार लक्ष्मीनारायण शिवहरे की गुरुद्वारा स्थित ठेका से अवैध रूप से इंदौर भेजी जा रही थी। कोलारस, तेंदुआ, सिटी कोतवाली सहित तत्कालीन कोलारस एसडीओपी सुजीत भदौरिया के नेतृत्व में नाकाबंदी की गई। जैसे ही 560 पेटी अवैध शराब की बोतलों से भरा यह वाहन शिवपुरी से इंदौर की ओर बढ़ा तो पुलिस पकड़कर थाने ले गई। वाहन में पीछे की ओर टमाटर की क्रेट नजर आई, लेकिन जब इन्हें हटाया गया तो विभिन्न अंग्रेजी ब्रांड की शराब से भरी 560 पेटियां निकलीं। उस समय पुलिस ने बताया था कि इस अवैध शराब को मंजिल तक पहुंचाने के लिए पूरे पुख्ता प्रबंध किए गए थे। जिस आयशर कैंटर वाहन से शराब क्रेट के बीच में छिपाकर ले जाई जा रही थी, उसके साथ में एक बोलेरो वाहन भी चल रहा था। संभवत: रास्ते में चेकिंग या अन्य समस्या पर नजर रखने के लिए ऐसा किया गया होगा, लेकिन कोलारस में जैसे ही पुलिस ने वाहन को नाकेबंदी कर रोका तो बोलेरो सवार मौके से फरार हो गए।
शक न हो, इसलिए रखवा दी थी टमाटर की क्रेटें
अवैध रूप से शराब के परिवहन के इस मामले में चौकाने वाला पहलू यह था कि ट्रक के नीचे तो शराब की पेटियां रख दी गई थीं। ऊपर से 40 क्रेट टमाटर की रखी हुईं थीं, जिन्हें हटाया तो उनके पीछे शराब की 560 पेटियां छिपाकर रखी गईं थीं। कैरेट रखने के पीछे पुलिस को आशंका थी कि ऐसा इसलिए किया गया होगा, ताकि रास्ते में यदि वाहन चेक हो तो चेकिंग दल धोखा खा जाए कि इसमें शराब नहीं, बल्कि प्लास्टिक की क्रेट हैं।
इनका कहना है
अभियोजन की स्वीकृति के लिए कमिश्रर कार्यालय में अपील की गई है। अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सतीश सिंह चौहान
थाना प्रभारी कोलारस







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