शिवपुरी। ड्रेस घोटाले को लेकर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने पहुंचे अभाविप के छात्र नेता कलेक्टर को ज्ञापन देने के लिए डटे रहे, लेकिन कलेक्टर द्वारा ज्ञापन लेने के लिए नहीं आने वह भड़क गई और करीब तीन घंटे तक चला हाईवोल्टेड ड्रामा समाप्त हो गया और अभाविप के नेताओं ने कलेक्टर चैम्बर में पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान छात्र संघ अध्यक्ष अनुप्रिया तंवर ने कलेक्टर से पूछा कि बिना महिला के पुुरुष पुलिकर्मियों द्वारा मेरे साथ धक्का मुक्की करना और मुझे चांटा मारना कहां तक सही है इस पर कलेक्टर ने कहा कि मेरे पास कोई जबाव नहीं है। इस मौके पर छात्र नेताओं ने ज्ञापन पढ़कर सुनाया।
आज दोपहर के समय छात्र नेता जिसमें छात्र एवं छात्राएं शामिल थीं, कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन देने के लिए पहुंचे। इस दौरान ज्ञापन लेने के लिए डिप्टी कलेक्टर पहुंचे, लेकिन छात्रों ने कलेक्टर को ही ज्ञापन देने की बात कही। इसके बाद कलेक्टर बाहर ज्ञापन लेने के नहीं आई। इसके बाद करीब 2 बजे कलेक्टर बैठक में जाने के लिए अपने चैम्बर से बाहर निकलीं तो छात्र नेताओं ने उनके वाहन को रोक लिया। इस दौरान कलेक्टर छात्रों से ज्ञापन लेने के लिए तैयार हो गई, लेकिन छात्र नेताओं का कहना था कि हम ज्ञापन की कॉपी को पढ़कर सुनाएंगे इस पर कलेक्टर ने समय नहीं होने की बात कही और अपनी गाड़ी में बैठकर जाने लगी तो छात्रों ने गाड़ी फिर से रोकनी चाही तो पुलिस ने बलपूर्वक सभी को हटा दिया, वहीं इस छात्राओं का आरोप लगाया कि पुलिकर्मियों ने उनके साथ धक्कामुक्की करते हुए अभद्रता की और मारपीट की। इसके बाद कलेक्टर लौटकर आई और अंत में शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन दिया।
इनका कहना है
- ज्ञापन देने की प्रक्रिया जिले में अमूमन चलती रहती है। ज्ञापन लेने के लिए डिप्टी कलेक्टर गए हुए थे, लेकिन उनका कहना था
कि कलेक्टर को देना है। मेरे द्वारा भी उन्हें दो बार बुलाया, लेकिन उनके द्वारा हुडदंग और अनुशासनहीनता बरती। पुलिस द्वारा बदसलूकी की मुझे जानकारी नहीं है। मुझे 2 बजे इलेक्शन कमीशन की मीटिंग में जाना था और इन लोगों ने शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की इस समय शासकीय अफसर जाने के लिए उन्होंने जो किया वह अपना काम किया। अब उन्होंने खुद आकर मुझे ज्ञापन दिया है। अब मैंने समझाइश दी कि वह अभी स्टूडेंट्स हैं और इस तरह से हुडदंग और अनुशासनहीनता भविष्य में न करें। गणवेश में अभी तक सभी लोगों ने बात ही बात की है अभी तक मेरे सामने तथ्य सामने नहीं आए। अभी में जिपं सीईओ से बात की तो उनका कहना था कि उन्होंने समुदाय को राशि प्रदाय की गई और समुदाय के माध्यम से ही खरीदी गई है।
श्रीमती शिल्पा गुप्ता, कलेक्टर शिवपुरी
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