
करैरा।
नगर में संचालित मेडिकल कारोबार से न सिर्फ मेडिकल व्यवसायी नगर में
आमजनता के स्वास्थ्य से खिलबाड़ करने में जुटे है । ड्रग इंस्पेक्टर और
करैरा स्वास्थ्य विभाग के खुले संरक्षण में मेडिकल संचालन सभी नियम
कानूनों को ताक पर रखकर जमकर मुनाफा खोरी की जा रही है और नगर में गैर
जिम्मेदार पूर्ण कामकाज और लेनदेन के क्रियाकलापों का खामियाजा आम जनता को
भुगतना पड़ रहा है। जिससे मेडिकल स्टोरों के संचालक इनके संचालन में भारी
अनियमितताऐं तो कर ही रहे हैं, प्रदेश शासन को करों की व्यापक चोरी कर भारी
राजस्व की चपत लगाने मेें भी जुटे हैं। ड्रग महकमें और जिला प्रशासन
द्वारा इस गंभीर मामले को अनदेखा करने पर शासन स्तर पर भेजी एक संयुक्त
शिकायत में स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाये है कि नगर में मेडिकल स्टोरों
का संचालन प्रदेश शासन की ड्रग अनुज्ञा शर्तों के मुताबिक बिल्कुल भी नहीं
किया जा रहा हैं, जो धारक मेडिकल स्टोरों का संचालन कर रहे हैं उन्होने
उसकी अर्हतायें भी पूरी नहीं की हैं जो अनुज्ञा शर्तों का गंभीर उल्लंघन
करैरा नगर में खुले रूप में हो रहा है, उसमें थोक विक्रय के लिये अधिकृत
दवा स्टोर कानून कायदों का घोर उल्लंघन करते हुये फुटकर दवाईयों का विक्रय
कर रहे है। जिसमें प्रदेश शासन की औषधि विक्रय नीति की धज्जियां यहां खुले
आम उड़ाई जा रही है। जन स्वास्थ्य के लिये यह कारोबार अब खतरनाक साबित हो
रहा है। करैरा नगर में मेडिकल व्यवसायी अल्टरनेट मेडीसिन को बेचने के
प्रयास भी अपने मुनाफे के फेर में जमकर करने में जुटे हैं। यदि सैल्स विभाग
यहां इन मेडिकल व्यवसायियों द्वारा की जा रही दवा कारोबार में कर की चोरी
की गोपनीय जांच कराये तो उनके सामने लाखों रूपये की कर चोरी के मामले सामने
होंगे। यहां दवा व्यवसाय में जुटे धनपति केश मेमों के स्थान पर कच्चा बिल
थमा कर प्रदेश शासन को भारी चपत लगाने में जुटे है। चूंकि कैश मेमों पर
बेचने लौटाने एवं दवा के प्रभावी होने की अवधि भी अंकित रहती है इससे दवा
व्यवसायी की एकाउन्ट विलिटी भी दवा रियेक्शन के होने पर तय रहती है परंतु
कैश मेमों न देने से क्रेता इस व्यवयसाय को करने वालों पर दावा नहीं कर
पाता, इस तरह उपभोक्ता संरक्षण कानूनों को भी दवा व्यवसायी यहां खुलेआम
पलीता लगाने में जोर-शोर से जुटे हैं।
फर्जी मेडीकल बिलों का संधारण कर किए लाखों के बारे-न्यारे
नगर
में कुछ मेडिकल व्यवसायीयों द्वारा सरकारी योजनाओं में फर्जी मेडिकल बिलों
का संधारण कराकर दवा आपूर्ति दिखाई जा कर लाखों रूपये का कारोबारकिया गया
है। यदि शासन की योजनाओं में इन दवाओं के व्यापारियों के संलग्नबिलों की
जांच हितग्राही के बयानों का सत्यापन कराकर कर ली जाये तो मेडिकल
व्यवसायिओं के साथ स्वास्थ्य विभाग के वे अधिकारी भी गले-गले तक फंसते नजर
आऐंगे जिन्होने दीनदयाल अंत्योदय उपचार जैसी योजनाओं में कुछ
मेडिकल
स्टोरों के संचालकों से बिल समायोजन कराकर लाखों रूपये का आहरण करा डाला।
नगर में कुछ व्यवसायी तो कराये पर तो कुछ भोपाल से कबाड़े फर्जी लायसेंसों
से दवा कारोबार यहां संचालित बना हुआ है। करैरा नगर में मादक दवायें हर
मेडिकल स्टोर पर खुले रूप में विक्रय की जा रही है जिससे नगर में नशीले
प्रवृति के लोगों की तादाद भी बढ़ती जा रही है, यदि जिला प्रशासन के
अधिकारी मेडिकल स्टोरों पर औचक छापामारी करके यदि दवाओं के इस गैर कानूनी
कारोबारीयों पर शिकंजा कसें तो कई मेडिकल व्यवसायी इसकी चपेट में आते दिखाई
देंगे।
एक लाईसेंस पर दो-दो मेडीकल हो रहे हैं संचालित
नगर
में एक-एक लायसेंस से दो-दो मेडिकल चलने एवं लायसेंस किराये पर लेकर
दवायें बेचने का धंधा भी यहां बेरोकटोक जारी होकर जनस्वास्थ्य जैसे अहम
गम्भीर मामले पर ड्रग इंसपेक्टर सहित स्वास्थ्य विभाग एवं स्थानीय प्रशासन
के अधिकारी गैर जबाबदेही एवं लापरवाही बरते जा रहे हैं।
इनका कहना
अगर
थोक लायसेंस पर खेरीज मेडिकल की दुकाने चल रही है तो मैं जल्द स्वास्थ्य
विभाग के आलधिकारियों को अवगत कराकर जरूर कार्यवाही करेंगे साथ ही करैरा और
ग्रामीण अंचलो में बिना माप दण्डो के जितने भी मेडिकल खुले है जाँच कर
कार्यवाही की जाएँगी।
सीबी प्रसाद, एसडीएम करैरा






Be First to Comment