
शिवपुरी। कहते हैं अगर अधिकारों का सही प्रयोग किया जाए तो उसका सदुपयोग होता है लेकिन उन्हीं अधिकारों का उपयोग अपने निजी हित में किया जाए तो वह उसका दुरुपयोग है। जनता के द्वारा जिन प्रतिनिधियों को शहर के विकास के लिए चुना जाता है वह प्रतिनिधि नियुक्त होने के बाद अपने पास आए विशेष अधिकारों का अपने निजी हित में उपयोग करने लगते हैं। ऐसा ही एक मामला बीते रोज देखने को आया जहां सिंधिया के स्वागत के लिए माधव चौक चौराहे को बैनर-पोस्टर से सजा दिया गया। यहां तक तो सबकुछ ठीक-ठाक था लेकिन रात में भी यह पोस्टर गुजरने वाले लोगों को साफ दिखाई दे, नपाध्यक्ष ने अपने अधिकारियों का दुरुपयोग करते हुए नपा की सरकारी मशीनरी का उपयोग करते हुए चौराहे पर लगे हाईमास्ट की दिशा बदवा दी। चौराहे पर लगे हाईमास्ट की दिशा बदलवाकर उन्हें उन बैनर-पोस्टरों की ओर करवा दिया थे। अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए अधिकारियों का दुरुयोग नपाध्यक्ष द्वारा किया गया। हाईमास्ट की दिशा बदलने की बात आमजन में सुबह ही चर्चा में रही।
अध्यक्ष बनने के बाद लगातार सुर्खियों में रहे मुन्ना
मुन्नालाल कुशवाह नपाध्यक्ष बनने के बाद से ही सुर्खियों में रहे हैं। जहां बीपीएल राशन कांड ने नपाध्यक्ष कुशवाह को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था। संभवत: इतिहास का यह पहला मामला िाा जब शिवपुरी का कोई व्यक्ति, नपाध्यक्ष पद पर हाेते हुए जेल गया होगा। वहीं नपाध्यक्ष द्वारा अपने ही कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई। जिस पर कार्यकर्ताओं ने सांसद सिंधिया से शिकायत की। जिस पर कार्रवाई करते हुए सिंधिया ने मुन्ना को दिल्ली तलब किया। जहां नपाध्यक्ष मुन्ना लाल कुशवाह के साथ् जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामसिंह यादव, प्रदेश कांगेस महामंत्री बैजनाथसिंह यादव, हरवीर रघुवंशी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष राकेश जैन आमोल और नपाध्यक्ष के सरपरस्त राकेश गुप्ता दिल्ली गए थे। जहां मुन्ना को सिंधिया ने फटकार लगाई और सक्षमतापूर्वक नगर पालिका चलाने का निर्देश दिया। मुन्नालाल एक बार फिर उस समय चर्चा में आए जब फूल वालों को बिना टेंडर जारी किए लगभग 9 लाख रुपए की टीनशेड लगवा दी। इतना ही नहीं अन्य कई ऐसे मामले हैं जिन्हें लेकर अध्यक्ष लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं।






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