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भाजपा जिला मंत्री की दिनदहाड़े हत्या जौनपुर में: कार से जा रहे थे, बदमाशों ने रोका कार्ड देने के बहाने 6 गोली मारी शीशा खोलते ही /#उत्तरप्रदेश

जौनपुर

जौनपुर में बदमाशों ने दिनदहाड़े भाजपा के जिला मंत्री प्रमोद कुमार यादव की गोली मारकर हत्या कर दी। गुरुवार को वह अपनी क्रेटा कार से जा रहे थे। कार्ड देने के बहाने बदमाशों ने उनकी गाड़ी रुकवाई। जब तक प्रमोद कुछ समझ पाते तब तक ताबड़तोड़ पर उन पर 7-8 राउंड फायर किए। 6 गोलियां प्रमोद को लगी। वह खून से लथपथ होकर कार में गिर गए।

गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचकर पुलिस प्रमोद को नजदीकी अस्पताल ले गई। वहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। वारदात सिकरारा थाना क्षेत्र के बोधापुर गांव की है।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल की जांच की।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल की जांच की।

4 गोली पेट में और 1-1 गोली कंधे-जांघ में मारीं
पुलिस को शक है कि बदमाशों ने रेकी करके हत्या की वारदात को अंजाम दिया। प्रमोद सुबह 10 बजे घर से अकेले ही कार लेकर निकले थे। जैसे ही वह रायबरेली-जौनपुर हाईवे पर पहुंचे। बाइक सवार 2 बदमाशों ने शादी का कार्ड दिखाकर रुकने का इशारा किया, जबकि तीसरा बदमाश दूर खड़ा रहा।

कार्ड देखकर प्रमोद ने कार रोक ली। उन्होंने शीशा नीचे करके बात करनी चाही। तभी दोनों बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। प्रमोद को 4 गोली पेट में और 1-1 गोली कंधे और जांघ में लगी है। वारदात के बाद तीनों बदमाश बाइक से फरार हो गए।

पुलिस प्रमोद यादव को अस्पताल लेकर पहुंची। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बदमाशों ने 6 गोलियां मारी।

पुलिस प्रमोद यादव को अस्पताल लेकर पहुंची। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बदमाशों ने 6 गोलियां मारी।

जौनपुर SP अजयपाल शर्मा ने बताया कि शादी का कार्ड देने के बहाने रुकवाकर हत्या की गई है। वारदात में 3 बदमाश शामिल थे, तीनों संदिग्ध की पहचान की गई है। उनकी तलाश की जा रही है। प्रमोद की हत्या की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में समर्थक अस्पताल पहुंच गए।

यह प्रमोद यादव की फाइल फोटो है। वह करीब 20 साल से ज्यादा वक्त से राजनीति में सक्रिय थे।

यह प्रमोद यादव की फाइल फोटो है। वह करीब 20 साल से ज्यादा वक्त से राजनीति में सक्रिय थे।

2012 में विधानसभा चुनाव के लिए भरा था पर्चा
प्रमोद राजनीति में काफी सक्रिय थे। 2012 में उन्होंने मल्हनी विधानसभा से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन किया था। हालांकि, उनका पर्चा खारिज हो गया था। इसी साल इस सीट से धनंजय सिंह की पत्नी जागृति सिंह ने भी विधानसभा का चुनाव लड़ा था। हालांकि, वह हार गईं थीं। बाद में धनंजय सिंह ने तीसरी शादी कर ली थी।

प्रमोद यादव की तरह ही उनके पिता राजबली यादव की भी करीब 35 साल पहले हत्या की गई थी। राजबली RSS से जुड़े थे। प्रमोद की हत्या राजनीतिक रंजिश में हुई है या कोई और वजह है? इस पर पुलिस अभी कुछ नहीं बोल रही है। अफसरों का कहना है कि सभी एंगल पर जांच की जा रही है।

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