दमिश्क

इजराइल-हमास जंग शुरू होने के बाद से इजराइल कई बार सीरिया में एयरस्ट्राइक कर चुका है।
इजराइल-हमास जंग के बीच सीरिया की राजधानी दमिश्क में सोमवार (1 अप्रैल) को एयरस्ट्राइक हुई। यह हमला ईरान की एम्बेसी के कॉम्प्लेक्स में हुआ, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, ईरान ने दावा किया है कि इजराइल ने अपने F-35 लड़ाकू विमानों से हमले को अंजाम दिया।
इजराइल ने अब तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, न्यूयॉर्क टाइम्स ने 2 इजराइली अधिकारियों के हवाले से ईरान के दावे की पुष्टि की। हमले में ईरान की कुद्स फोर्स के 2 टॉप कमांडर और 5 अन्य अधिकारी की मौत हुई है। इसमें सीरिया में ईरान के सबसे सीनियर अधिकारी मोहम्मद रेजा जाहेदी और उनके डिप्टी कमांडर मोहम्मद हज रहीमी शामिल हैं।
एयरस्ट्राइक में सीरिया में मौजूद ईरान के एम्बेसडर होसैन अकबरी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “हमारे पास इन हमलों का जवाब देने का पूरा अधिकार है। यह कब और कैसे होगा, इसे हम खुद तय करेंगे।”
द यरूशलम पोस्ट ने ईरानी प्रेस का हवाला देते हुए बताया कि हमले के समय ईरानी कमांडर जाहेदी गाजा में चल रहे युद्ध को लेकर फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद (PIJ) के नेताओं के साथ मीटिंग कर रहा था।
सीरिया में हुए हमले से जुड़ी तस्वीरें…

हमले से बिल्डिंग पूरी धराशायी हो गई। हमले के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

हमले के बाद बिल्डिंग के मलबे में दबे लोगों को रेस्क्यू करने की कोशिश की गई।

इजराइल ने सीरिया में ईरान के दूतावास के पास वाली बिल्डिंग को निशाना बनाया। इस बिल्डिंग में ईरान का वाणिज्य दूतावास था।
ईरान ने कहा- यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन
ईरानी दूतावास ने इस हमले की निंदा की है। ऐंबैसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इजराइल का यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों, डिप्लोमेसी के नियमों और वियना कन्वेंशन का उल्लंघन है।
ईरान के सीरिया में ऐंबैस्डर होसैन अकबरी ने कहा, “यह पहली बार है जब इजराइल ने हमारे दूतावास की आधिकारिक इमारत पर हमला किया है। यहां हम इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का झंडा फहराते हैं। हम इसका जवाब जरूर देंगे।”
सीरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा, “हमला लोकल समय के मुताबिक, शाम करीब 5 बजे हुआ। इजराइली फाइटर जेट्स गोलन हाइट्स के रास्ते सीरिया में दाखिल हुए थे।”
4 दिन पहले भी इजराइल ने सीरिया पर हमला किया था
इससे पहले इजराइल ने 28 मार्च को सीरिया के अलेप्पो शहर में भी एयरस्ट्राइक की थी। इस दौरान इजराइल ने ईरान समर्थित हिजबुल्लाह संगठन के ठिकानों को निशाना बनाया था। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इस हमले में 38 लोगों की मौत हुई थी। इसमें हिजबुल्लाह के भी 5 सदस्य मारे गए थे।
वॉर मॉनिटर की रिपोर्ट के मुताबिक, सीरिया के रक्षा मंत्रालय ने बताया था की इजराइल ने यह हमला देर रात 1 बजकर 45 मिनट पर किया था। इस दौरान करीब 2 घंटों तक धमाकों की आवाज सुनाई देती रही। तभी कुछ आतंकी संगठनों ने भी इदलिब शहर से ड्रोन स्ट्राइक की थी।

तस्वीर पिछले साल फरवरी की है, जब इजराइल के हमले में सीरिया की एक इमारत तबाह हो गई थी।
इजराइल ने सीरिया में ईरानी अधिकारियों को निशाना बनाया था
इजराइल-हमास जंग शुरू होने के बाद से इजराइली सेना अब तक कई बार सीरिया में एयरस्ट्राइक कर चुकी है। जनवरी में ईरान ने दावा किया था कि इजराइल ने सीरिया की राजधानी दमिश्क में एक इमारत पर एयरस्ट्राइक की।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने ईरान के मीडिया के हवाले से बताया था कि हमले में ईरान के 4 मिलिट्री एड्वाइजर और सीरिया के लिए ईरानी सेना के चीफ इंटेलिजेंस ऑफिसर की मौत हो गई थी।
इजराइल का दावा- सीरिया में ईरान समर्थित गुटों पर करते हैं हमला
2011 में गृह युद्ध शुरू होने के बाद से इजराइल ने सीरिया में सैकड़ों हवाई हमले किए हैं। पिछले साल फरवरी में भी इजराइल ने सीरिया पर मिसाइल दागी थी। हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी। यह हमला जिस इलाके में हुआ था, वहां सीरिया की सिक्योरिटी एजेंसी, इंटेलीजेंस हेडक्वॉर्टर और सीनियर अधिकारियों के घर हैं।
इजराइल डिफेंस फोर्सेज के मुताबिक, वो उन जगहों पर हमला करते हैं जहां बड़ी मात्रा में इन ईरान समर्थक गुटों के हथियार रखे होते हैं। इजराइल के हवाई हमलों ने कई बार सीरिया के एयर-डिफेंस सिस्टम को टारगेट किया है।





Be First to Comment