
शिवपुरी। अभी अभी शिवपुरी शहर में करबला स्थित सिद्ध बाबा के स्थान पर जाकर सिद्ध बाबा के स्थान को समझा एवं स्थान का पूरा जायजा लिया यहां हम आपको बता दें कि सिद्ध बाबा के स्थान पर बहुत ही शांत बाताबरण हैं। पत्थरों के नीचे से एक पानी की झिर निकलती हैं जिसका पानी गर्म रहता हैं एवं स्वच्छ रहता हैं। सिद्ध बाबा का स्थान इतना स्वच्छ हैं कि यहाँ पिकनिक करने का बहुत शानदर स्थान हैं। एसपी शिवपुरी ने बताया कि एडीजी हमारे बीच मे पधारें हैं ये हमारे लिए शोभाग्य की बात हैं। और हमने जिले के स्कूलों में से 20-20 लोगों की टीम बनाई हैं जिनको हमने सभी प्रकार की जानकारी दी हैं। स्कूल के बच्चों ने कहा कि पुलिस अगर सोती हैं तो हम अपने घरों में चैन की नींद सोते हैं। इसके बाद नन्ने मुन्ने बच्चों ने एक्ट करके दिखाया जिसमे पुलिस की एक्टिविटी दिखाई जिसमे लास्ट में पुलिस अधीक्षक बच्चे की मदद करते हैं। एक बच्ची महक जाटव ( शासकीय स्कूल माधव चोक) ने गाना गाकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया ” तेरी मिट्टी ने मिल जावा ” बच्ची ने शानदार गाना गाकर अधिकारियों का दिल जीत लिया। एडीजी राजा बाबू सिंह ने बताया कि ये एक अनूठा आयोजन हैं इसलिए हैं क्योंकि मेरी पुलिस की नौकरी में पहला प्रोग्राम अटेंड कर रहा हूँ जिसको इतने अच्छे तरीके से ऑर्गनाइज किया हैं। सुरक्षा एजेंसी की जरूरत होती हैं। जिससे शांति के माहौल में इंसान आराम से रह सकें पुलिस के लिए मानव में गलत धारणा हैं ये बच्चो की एक्टिविटी से दूर हो जाएगी अगर इस तरह बच्चे एक्टिविटी करते रहे तो एक अच्छा संदेश लोगों को जाता हैं। खास बात ये हैं कि आप देखें जनसंख्या बढ़ रही हैं। हमारे देश की जनसंख्या 3 साल पहले 1.2 मिलियन पॉपुलेशन थी अब हो गया हैं। 132 करोड़ ये इतनी जल्दी बड़ा हैं। जितनी ज्यादा बढ़ रही हैं। इससे इंसान की पर्सनल जरूरत बढ़ जाती हैं। पॉल्युशन बढ़ रहा हैं। देहली में अभी की हालत पॉल्युशन की बहुत खराब हैं। इतना ज्यादा ये बाताबरण में जस्ट के कड़ रहते हैं। मुझे खुशी हैं कि अभय जैन जी की टीम ने इस बात को पकड़ा हैं। प्लास्टिक के इस्तेमाल के बाद उसे कही भी फेक देने से नालियाँ चोक हो जाती हैं। जिससे स्वच्छता पर फर्क पड़ता हैं। हम सभी लोग हर महीने के पहले रविवार को श्रमदान करेंगे। बच्चो ने एडीजी राजाबाबू सिंह से पूछा की मुझे जानना हैं कि पुलिस की भर्ती के लिए मुझे क्या करना पड़ेगा। जिसके बाद राजाबाबू सिंह ने बच्चों को भर्ती प्रक्रिया समझाई। बच्चो ने प्रक्रिया समझकर तालियाँ बजाई अंत में पौधारोपड किया।






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