शिवपुरी में एक मजदूर को तालिबानी सजा देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि खेत में दवा छिड़कने की मजदूरी से इंकार करने पर दबंग ने मजदूर को ना केवल बेरहमी से पीटा बल्कि उसे जूते में भरकर पेशाब पिला दी। दलित मजदूर के साथ मारपीट और पेशाब पिलाए जाने का मामला सामने आने पर भीम आर्मी ने थाने के सामने प्रदर्शन किया जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक करैरा के रहने बाले रामसिंह ठाकुर की जमीन बगेदरी के रहने वाले राजेश के गांव में है। इसलिए रामसिंह ने उसे फसल में दवा का छिड़काव करने के लिए कहा था। राजेश ने रामसिंह से मजदूरी करने पर 500 रुपए मांगे थे, लेकिन ठाकुर सिर्फ 300 रुपए देने के लिए तैयार था। इस वजह से राजेश ने काम करने से साफ मना कर दिया।राजेश के काम ना करने की वजह से रामसिंह भड़क उठा। 14 जुलाई शाम को रामसिंह ने राजेश को रास्ते में रोक लिया। इस दौरान ठाकुर ने उसे गालियां दीं और मारपीट की। इतना ही नहीं ठाकुर ने उसे जूते में पेशाब भरकर भी पिलाई। पीड़ित राजेश ने पुलिस को इसकी जानकारी दी, लेकिन उन्होंने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं की। इसके बाद भीम आर्मी ने थाने के बाहर प्रदर्शन करने पर पुलिस ने देर शाम शिकायत दर्ज की।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एससी-एसटी और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया है। भीम आर्मी के पदाधिकारियों का आरोप है कि पुलिस ने पीड़ित को शिराब पिलाने के संबंध में जो धाराएं लगनी चाहिए थीं, वह नहीं लगाई गई हैं। इसके विरोध में अब भीम आर्मी बड़ी संख्या में 18 जुलाई को एसडीएम को ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रही है।
इस मामले में करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई का कहना है कि पेशाब पिलाने संबंधी आरोप पूर्णत: निराधार हैं। यह मामला सिर्फ मारपीट का है। प्रारंभिक जांच में तो यह सामने आया है कि गांव में एक महिला से छेड़छाड़ किए जाने के बाद परिहार समाज के लोगों ने मारपीट की थी और परिहार समाज के लोग राम सिंह ठाकुर के यहां पर काम करते हैं। आगे विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।






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