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रेत माफियाओं पर एनजीटी ने नियम बेअसर: केंद्रीय मंत्री के संसदीय क्षेत्र में चल रहा अवैध उत्खनन और परिवहन / Shivpuri News

शिवपुरी: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने लोकसभा के दौरे में रेत माफियाओं सहित अन्य माफियाओं को तीन जिले की सीमाओं से बाहर खदेड़ने की बात मंच से कह रहे हैं। हालांकि, उनके लोकसभा क्षेत्र में होने के बावजूद भी रेत माफियाओं में कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है।

एनजीटी के नियम लागू होने के बावजूद करैरा क्षेत्र की सिंध से रेत को निकाला जा रहा है। इतना ही नहीं जो रेत को प्रशासन ने जब्त की थी। उस रेत का परिवहन किया गया है। करैरा क्षेत्र के चितारी और सीहोर के सिंध नदी के घाट पर प्रशासन ने 3 हजार 675 घन मीटर रेत जब्त की थी।

हालांकि, ठेकेदार द्वारा बिना राजस्व की राशि चुकता किये। जब्त रेत का परिवहन किया जा रहा है। वहीं NGT के जारी निर्देशों के मुताबिक, 1 जुलाई आगामी तीन महीनों तक नदी से रेत के उत्खनन पर रोक लगाई गई है। इसके बावजूद करैरा के चितारी घाट से रेत उत्खनन का काम किया जा रहा है।

तीन माह के लिए खुलता एनजीटी का पोर्टल

1 जुलाई से अगले तीन माह के लिए पर्यावरण विभाग द्वारा नदी से रेत के उत्खनन पर रोक लगाई जाती है। इसके लिए रेत के व्यापारियों को नदी से 50 मीटर दूर रेत को 1 जुलाई से पहले डंप करके रखना होता है। इसके वजह से पर्यावरण विभाग की ओर से तीन माह के लिए पोर्टल शुरू किया जाता है।

इस पोर्टल के तहत एनजीटी की गाइड लाइन के तहत टीपी काटी जाती है। इस टीपी के जरिए रेत को शहरी क्षेत्र में पहुंचाया जाता है। लेकिन एनजीटी के पोर्टल शुरू होने की पुष्टि भी नहीं हो सकी है। इस मामले में जिला खनिज अधिकारी प्रमोद शर्मा का कहना है।

एनजीटी का पोर्टल पर्यावरण विभाग की ओर से भोपाल से खोला जाता हैं। इस पोर्टल की जानकारी के लिए भोपाल में संपर्क करना पड़ेगा साथ ही कुछ जब्त रेत की राशि जमा करा दी गई है।

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