वॉशिंगटन/इस्लामाबाद

तस्वीर सितंबर 2022 की है, जब UNGA की वर्ल्ड लीडर्स की बैठक के दौरान PM शाहबाज ने राष्ट्रपति बाइडेन से मुलाकात की थी।
पाकिस्तान में फरवरी में हुए आम चुनाव के बाद शुक्रवार को पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने नए पाक PM शाहबाज शरीफ के नाम एक खत लिखा। इसमें उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों की अहमियत बताते हुआ पाकिस्तान के लिए अमेरिका के सपोर्ट की बात की।
खत में बाइडेन ने लिखा, “हमारी साझेदारी दुनियाभर के लोगों और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अहम है। अमेरिका वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए हमेशा पाकिस्तान के साथ खड़ा रहेगा।” इसी के साथ यह पहली बार है जब बाइडेन ने पाकिस्तान में चुनाव के बाद किसी प्रधानमंत्री से बात की है।
साल 2018 में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने चुनाव जीता था। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, तब अमेरिकी राष्ट्रपति ने उनसे कोई बात नहीं की थी। इसके बाद साल 2022 में इमरान की सरकार गिरने के बाद जब शाहबाज शरीफ ने सरकार बनाई, तब भी बाइडेन ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया।

3 फरवरी को संसद में शाहबाज शरीफ के प्रधानमंत्री बनने की घोषणा होते ही नवाज ने उन्हें गले लगा लिया था।
बाइडेन बोले- दोनों देशों की साझेदारी मजबूत करने पर फोकस
बाइडेन ने अपने लेटर में लिखा कि अमेरिका विकास और मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करता रहेगा। दोनों देश मिलकर मजबूत साझेदारी और अपने नागरिकों के बीच बेहतर रिश्ते कायम करेंगे।
इससे पहले पाकिस्तान में मौजूद अमेरिकी राजदूत ने 15 मार्च को पाकिस्तान को अमेरिका का अहम पार्टनर बताया था। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि पाकिस्तान की नई सरकार अमेरिका के साथ मिलकर द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने के लिए काम करेगी।
अमेरिका ने पाकिस्तान चुनाव में धांधली के आरोप पर जताई थी चिंता
फरवरी में पाकिस्तान में हुए आम चुनाव के ठीक बाद अमरिका के कई सांसदों ने चुनाव में धांधली की आशंका जताई थी। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इस दौरान अमेरिका के 33 सांसदों ने भी राष्ट्रपति बाइडेन को खत लिखकर पाकिस्तान की नई सरकार को मान्यता न देने की अपील की थी।
हालांकि, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की चिंता को बेबुनियाद बताते हुए चुनाव में धांधली की खबरों को खारिज कर दिया था। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज बलोच ने कहा था, “कोई भी देश हमें किसी भी मामले में आदेश नहीं दे सकता है। पाकिस्तान एक आजाद देश है। हमारे आंतरिक मामलों में फैसला लेने का अधिकार सिर्फ हमारा है।”

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने भी पाकिस्तान के चुनाव में धांधली के आरोपों पर चिंता जताई थी।
इमरान ने कहा था- अपनी गलती सुधारे अमेरिका
वहीं पूर्व PM इमरान खान ने भी 15 फरवरी को पाकिस्तान की जेल से अमेरिका के लिए संदेश भिजवाया था। खान ने कहा था, “अमेरिका ने हमेशा तानाशाहों और भ्रष्ट लोगों को समर्थन दिया है। अब उनके पास पाकिस्तान चुनाव में धांधली का विरोध कर अपनी गलतियां सुधारने का मौका है। अमेरिका को पहले ही पाकिस्तान चुनाव के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए थी, पर उन्होंने ऐसा नहीं किया।”





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