खुजराहों

पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित कार्यक्रम में 10 नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई।
मध्यप्रदेश में मंगलवार को चौथी वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित कार्यक्रम से वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर देशभर में 10 नई वंदे भारत को रवाना किया। मप्र में ये ट्रेन खजुराहो से चलकर हजरत निजामुद्दीन दिल्ली तक जाएगी।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, आज 85 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट देश को मिले हैं। विकास में मैं गति को धीमी होने नहीं देना चाहता। गुजरात के दहेज में 20 हजार करोड़ से बनने वाले पेट्रो प्रोजेक्ट का भी उद्धाटन हुआ है। पीएम ने कहा, हमारे काम को कुछ लोग चुनावी चश्मे से देख रहे हैं। जबकि ये काम देश के विकास के लिए है। आज रेलवे डिपो शेड, लोको शेड, रेलवे डिपो का भी लोकार्पण हुआ। भारत में 350 आस्था ट्रेनों से साढ़े चार लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने अयोध्या में राम लला के दर्शन किए हैं। ये सफर जारी रहेगा। मोदी की गारंटी है।
खजुराहो-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस के शुभारंभ कार्यक्रम में खजुराहो में सांसद वीडी शर्मा भी उपस्थित हैं। इधर, भोपाल रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. मोहन यादव और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल शामिल हुए।

मंगलवार को खजुराहो से हजरत निजामुद्दीन के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस रवाना हुई।
पीएम मोदी के भाषण की चार खास बातें…
वन स्टेशन वन प्रोडक्ट के 1500 स्टॉल खुले
एकता मॉल्स का भी उद्धाटन हुआ है। ये हमारे वोकल फॉर लोकल के मिशन को देश के कोने-कोने में ले जाने में सफल होगा। भारतीय रेल को हम आत्मनिर्भर भारत का नया माध्यम बना रहे हैं। हमारे कारीगरों, स्व-सहायता समूहों आदि के स्थानीय उत्पाद अब स्टेशनों पर बिकेंगे। वन स्टेशन वन प्रोडक्ट के 1500 से अधिक स्टॉल खुल चुके हैं।
वंदे भारत का नेटवर्क देश के 250 जिलों तक
देश में वंदे भारत ट्रेन की सेवाओं का आज शतक लग गया है। अब इसका नेटवर्क देश के 250 से अधिक जिलों तक पहुंच चुका है। पहले रेल बजट अलग आता था। मैंने इसे मुख्य बजट में शामिल किया। अब भारत सरकार का पैसा भी इसमें लगता है, इससे बजट भी बढ़ा है। पहले हमें स्टेशन पर जाकर देखना होता था कि ट्रेन कितनी लेट आएगी। अब मोबाइल पर देख लेते हैं।
विदेशों तक जा रहे मेड इन इंडिया प्रोजेक्ट
भारत में ये शुरुआत विकसित भारत की गारंटी है। देश में कार्गो टर्मिनल बनने की गति तेज हुई है। ट्रांसपोर्टेशन को गति देने के लिए गति शक्ति विवि की स्थापना की गई है। देश के कोने-कोने को रेल से जोड़ने के प्रयास में जुटे हैं। इससे मेड इन इंडिया की दिशा में भी काम हो रहा है। हमारे ये प्रोडक्ट कई देशों तक निर्यात किए जा रहे हैं।
कांग्रेस के समय लटकता रहा पूर्वी-पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर
पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की सदियों से मांग की जा रही थी। ये व्यापार के लिए जरूरी था, कांग्रेस के समय ये प्रोजेक्ट लटकता रहा। बीते 10 वर्षों में पूर्वी और पश्चिमी तट को जोड़ने वाला ये प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है। आज इसका लोकार्पण हुआ है। मालगाड़ी की गति दोगुने से अधिक हो गई है। इस पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी विकसित किए जा रहे हैं।










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