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घर-घर जाकर गर्भवती व धात्री माताओं को स्तनपान के महत्व के बारे दिया परामर्श | Shivpuri News

सुपोषण सखी व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्तनपान से संबधित भ्रमों व भ्रांतियों को किया दूर  
शिवपुरी। मां का पहला पीला गाढ़ा दूध जन्म के तुरंत बाद बच्चे को पिलाना चाहिए जो की बच्चे की इम्यूनिटि बढ़ाकर उसे तंदुरुस्त बनाता है और कई जानलेवा बीमारियों से बचाता है। यह बात आदिवासी वस्ती बड़ोदी एवं शहरी क्षेत्र की अति पिछड़ी बस्ती मनियर में शक्तिशाली महिला संगठन की कार्डिनेटर पूजा शर्मा ने सुपोषण सखी एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताटों के साथ गर्भवती व धाात्री महिलाओं के घर जाकर स्तनपान के महत्व व उससे जुड़ी भ्रांतियों एवं भ्रमों के बारे में जानकारी देते हुए बताई।
शर्मा ने कहा कि 6 माह तक केवल स्तनपान इसके अलावा उपर से पानी, घुट्टी या शहद कुछ भी नहीं देना हैं। स्तनपान जारी रखते हुए पूरक पोषण आहार बच्चे को मिलना चाहिए जिससे कि बच्चे की बृद्धि सही तरीके से हो एवं बच्चे का दिमाग जिसका कि विकास 2 साल की उम्र तक हो जाता है वह अच्छे से हो सके। 
यह आयोजन विश्व सप्ताह स्तनपान के छटवें दिन स्वयं सेवी संस्था शक्तिशाली महिला संगठन, महिला बाल विकास विभाग एवं बिट्रानिया न्यूट्रीशन फांडेशन द्वारा संयुक्त रुप से किया गया।  
अंजली रावत धात्री माता मनियर को अपने 1 माह के बच्चे के बारे मे सुपोषण सखी से सवाल किया कि बच्चे को दूध पिलाती हूं फिर भी उसका पेट नहीं भरता। इस पर सुपोषण सखी एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पुष्पा राठौर ने धात्री माता को परामर्श देते हुए बताया कि आप अपने बच्चे को आरामदायक पॉजीशन में बैठकर स्तनपान कराएं, कोशिश करें एवं पूरा ध्यान अपने बच्चे पर करें और सही तरीके से बच्चे को गोदी में लेकर स्तनपान करें तो आपका बच्चा आसानी से दूध पी पाएगा।
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