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सहरिया समाज संगठन ने सौंपा कलेक्टर को ज्ञापन, बोले घुमक्कड़ जाति के लोगों को जारी नहीं किया जाए अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र | Shivpuri News

शिवपुरी। सहरिया समाज संगठन गुरुवार को ज्ञापन सौंपने कलेक्टर के पास पहुंचा। सहरिया समाज संगठन के अध्यक्ष संतसिंह आदिवासी व कार्यकारी अध्यक्ष लालजीत आदिवासी की अगुआई में मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि शासन के आदेश पर धनघर की उपजाति में शामिल किए गए वियुक्त घुमक्कड़ एवं अर्धघुम्मकड़ जाति के लोगों को अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र जारी न किया जाए। 
मांग नहीं मानी तो 15 दिन बाद होगा अनिश्चितकालीन धरना
सहरिया समाज संगठन के संरक्षक द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्धघुम्मकड़ जनजाति कल्याण विभाग भोपाल द्वारा जारी आदेश में गड़रिया, कुम्हार, हटकर, गाडरी, धारिया, गोसी, ग्वाला, गारी, गायरी, पाल, बघेल को धनघर उपजाति के रूप में शामिल किया गया है। उक्त जातियां विमुक्त घुमक्कड़ जाति के अंतर्गत नहीं आती हैं। उक्त सभी जातियों को प्रदेश में अनुसूचित जनजाति के तहत शामिल कर ग्वालियर चंबल संभाग में रहने वाले सहरिया, बेगा, भारिया जातियों के साथ शासन भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहा है जो कि न्याय संगत नहीं है। ज्ञापन में मांग की गई कि उक्त जातियों को यथावत पूर्व में घोषित अन्य पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत रखा जाए। अगर शासन द्वारा उक्त जातियों को मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी किया जाता है तो प्रदेशभर का अनुसूचित जनजाति समुदाय इसका घोर विरोध करेगा। अगर इस पर रोक नहीं लगाई गई तो 15 दिन के भीतर अनुसूचित जाति समुदाय द्वारा जिला स्तर पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल की जाएगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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