भोपाल

भोपाल नगर निगम परिषद की मीटिंग शनिवार को हो रही है। इसमें वर्ष 2024-25 का अंतरिम बजट पेश किया जाएगा। यह करीब 800 करोड़ रुपए का होगा। एमआईसी में मंजूरी के बाद नर्सिंग होम और हॉस्पिटल में बेड के हिसाब से लाइसेंस फीस का प्रस्ताव मीटिंग में रखा जाएगा।
परिषद की मंजूरी के बाद 1 से 301 या इससे अधिक बेड को लेकर वार्षिक शुल्क तय हो जाएगा। प्रस्ताव में 1 से 15 बेड वाले हॉस्पिटल की 10 हजार रुपए और 301 या इससे अधिक बेड पर 5 लाख रुपए सालाना फीस लेना शामिल हैं।
मीटिंग सुबह 11 बजे से आईएसबीटी स्थित निगम सभागृह में शुरू हुई। इसी में निगम के अंतरिम बजट को भी अनुमोदन के लिए रखा जाएगा। पूर्व वित्त वर्ष का बजट लोकसभा चुनाव के बाद पेश किया जाएगा।इधर, आवारा कुत्तों और पुराने बजट के कई प्रस्तावों के जमीन पर नहीं आने के मुद्दे पर विपक्ष हंगामा कर सकता है।
अंतरिम बजट में ये खास
- 800 करोड़ रुपए से अधिक का होगा अंतरिम बजट।
- 500 करोड़ रुपए हाउसिंग फॉर ऑल के पांच प्रोजेक्ट में रखी जाएगी।
- सभी 85 वार्डों के लिए पांच करोड़ रुपए की राशि सोलर के लिए रहेगी।
MIC में मिल चुकी मंजूरी
26 दिसंबर 2023 को हुई MIC (मेयर इन काउंसिल) की मीटिंग में नर्सिंग होम और हॉस्पिटल से लिए जाने वाले वार्षिक लाइसेंस शुल्क पर चर्चा हो चुकी है। इस प्रस्ताव को एमआईसी मंजूरी भी दे चुकी है। अब यह निगम परिषद की मीटिंग में रखा जाएगा। इसके बाद सरकार को अवगत कराएंगे।
इतनी हो सकती है लाइसेंस फीस
| नर्सिंग होम/हॉस्पिटल में बेड संख्या | सालाना लाइसेंस फीस |
| 1 से 15 बेड | 10 हजार रुपए |
| 16 से 30 बेड | 20 हजार रुपए |
| 31 से 60 बेड | 30 हजार रुपए |
| 61 से 100 बेड | 50 हजार रुपए |
| 101 से 150 बेड | 1 लाख रुपए |
| 151 से 200 बेड | 2 लाख रुपए |
| 201 से 300 बेड | 3 लाख रुपए |
| 301 से अधिक बेड | 5 लाख रुपए |

नगर निगम ने नीमच में विंड और सोलर लगाया है।
पिछले बजट में विंड-सोलर प्रोजेक्ट का हुआ था विरोध
पिछली बजट मीटिंग में कुल 3306.31 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था। इसमें नीमच जिले में लग रहे विंड और सोलर प्रोजेक्ट पर हंगामा हुआ था। बावजूद बजट को मंजूरी दी गई। वहीं, नीमच में विंड और सोलर प्लांट लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया। जनवरी में महापौर मालती राय समेत पूरी एमआईसी (मेयर इन कौंसिल) ने नीमच पहुंचकर विंड और सोलर प्लांट के काम को देखा था।
पिछले बजट में ये था खास…
- जनता पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया।
- मेयर की 5 करोड़, अध्यक्ष की 2 करोड़ और पार्षदों की निधि 25 लाख रुपए की गई। पार्षदों की विधि 10 लाख घट गई थी, लेकिन प्रॉपर्टी टैक्स का 50% राशि उन्हीं के वार्ड में खर्च करने का वादा किया गया।
- हर कॉलोनी में एक पार्क का कॉन्सेप्ट भी तैयार किया गया। ताकि, बड़े-बच्चे सभी यहां घूमने पहुंच सके। इसलिए पॉर्कों के विकास के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। हालांकि, ये जमीन पर नहीं उतरा।
- शहर में पांच हजार से ज्यादा मीट दुकानें हैं। इसके चलते कवर्ड मीट मार्केट और स्मार्ट फिश मार्केट बनाने पर जोर दिया गया। साढ़े 4 करोड़ रुपए खर्च किए जाने थे। यह काम नहीं हो सका।
- प्रेमपुरा घाट का 3 करोड़ रुपए में जीर्णोंद्धार करने का निर्णय लिया गया था। अन्य घाटों को भी सुधारने का दावा किया गया। यह काम भी जमीन पर नहीं उतरा।
- गुरुनानक कॉरिडोर के सौंदर्यीकरण पर दो करोड़ रुपए खर्च किए जाने का प्रस्ताव था। यह काम शुरू नहीं हो पाया।
- बच्चों के लिए मिनी स्पोर्ट्स सेंटर का निर्माण नहीं पाया।
- निगम के कर्मचारियों की बालिकाओं को प्रोत्साहन देने के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं में 75 प्रतिशत अंक लाने पर उन्हें पांच हजार रुपए दिए जाएंगे। इस प्रस्ताव पर अमल किया जा रहा है। हाल ही में बालिकाओं को राशि दी गई है।
व्यक्तिगत नल कनेक्शन की दिशा में काम नहीं हो सका
पिछले बजट में बल्क की जगह व्यक्तिगत नल कनेक्शन देने की दिशा में काम करने की भी बात कही गई थी। महापौर मालती राय ने कहा था कि अमृत 2.0 में सभी घरों में पानी की आपूर्ति करने का लक्ष्य है। इस योजना में ‘हर घर नर्मदा जल’ आसानी से प्राप्त हो। मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार निजी कॉलोनियों में व्यक्तिगत नल कनेक्शन दिए जाएंगे। इसमें 379 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हालांकि, व्यक्तिगत नल कनेक्शन पर कोई अमल नहीं हो सका। अभी भी लोग व्यक्तिगत नल कनेक्शन के लिए निगम से गुहार लगा रहे हैं।










Be First to Comment