भोपाल

मप्र में मंत्रिमंडल का गठन हुए 10 से ज्यादा दिन बीत चुके हैं, लेकिन 30 में से 22 मंत्रियों को अभी तक सरकारी बंगले नहीं मिले हैं। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटे आकाश विजयवर्गीय को आवंटित बंगले में रह रहे हैं तो पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल भाई जालम सिंह के बंगले में है।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह 10 दिसंबर से बीएचईएल के गेस्ट हाउस में रह रहे हैं, जबकि परिवहन व स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को सर्किट हाउस में रहना पड़ रहा है। बाकी मंत्री एमएलए गेस्ट हाउस में हैं। केवल आठ मंत्री ऐसे हैं जिनके पास पहले से बंगले हैं।
दरअसल, मंत्रियों को बंगले अलॉट करने को लेकर गृह विभाग के सामने धर्म संकट है। शिवराज सरकार के 12 मंत्री चुनाव हार गए हैं, लेकिन अभी तक उन्होंने बंगले खाली नहीं किए हैं। इसी तरह पिछली सरकार के 10 मंत्री जिन्हें इस बार कैबिनेट में जगह नहीं मिली, उनके बंगले भी खाली नहीं हुए हैं।
नियम के मुताबिक विधायक के तौर पर अब इन्हें विधानसभा पूल से मकान आवंटित किए जाएंगे। मगर यहां भी मुश्किल है। 22 विधायक चुनाव हार चुके हैं। उनके बंगलों के लिए 84 विधायकों ने आवेदन कर दिया है।
किस तरह से सरकारी बंगलों के लिए मची है खींचतान, गृह विभाग और विधानसभा सचिवालय कैसै मशक्कत कर रहे हैं। पढ़िए ये रिपोर्ट…
पहले बात उन 12 पूर्व मंत्रियों की जो चुनाव हार गए
डॉ. नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल सहित पिछली सरकार के 12 मंत्री चुनाव हार गए हैं। इन्हें बी और सी टाइप बंगले आवंटित किए गए थे। अब ये विधायक भी नहीं है। गृह विभाग ने बंगला खाली कराने के लिए इन्हें कोई नोटिस नहीं दिया है। केवल एक सूची तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय भेज दी है। इस सूची में 14 बी टाइप और 8 सी टाइप बंगलों की डिटेल हैं। दरअसल, गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है और उनको ही इस पर फैसला लेना है।
गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक 7 पूर्व मंत्रियों ने बंगला खाली करने की मौखिक सहमति दी है। पूर्व मंत्री सुरेश धाकड़ का 74 बंगले स्थित आवास C-8 खाली होने की प्रत्याशा में आरएसएस के एक अनुषांगिक संगठन को अलॉट कर दिया गया है। धाकड़ के अलावा पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया (B-5 चार इमली), राम खेलावन पटेल (B-2 चार इमली), अरविंद भदौरिया का (B-20, 74 बंगला), ओपीएस भदौरिया का (B-24, 74 बंगला), भारत सिंह कुशवाह (B-22 74 बंगला) तथा राहुल सिंह (ई-37, 45 बंगला) शामिल हैं।
चुनाव हारने बाले 12 पूर्व मंत्री

अब ऐसे 10 पूर्व मंत्री जो इस बार कैबिनेट में शामिल नहीं
डॉ. मोहन यादव कैबिनेट में इस बार नए चेहरे शामिल किए गए हैं। पिछली सरकार के 10 मंत्रियों को कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। विधायक के तौर पर इन्हें विधानसभा पूल से बंगले आवंटित किए जाएंगे। वर्तमान में विधानसभा पूल में 34 बंगले (सी व डी टाइप) हैं।
दस पूर्व मंत्री इस बार कैबिनेट में नहीं

तीन बंगलों पर कई मंत्रियों की नजर
मंत्री अपनी पसंद का बंगला चाहते हैं। कई मंत्रियों ने मौखिक तौर पर गृह विभाग में अपनी डिमांड दर्ज करा दी है। चार इमली स्थित तीन बंगलों की डिमांड सबसे ज्यादा है। इनमें डॉ. नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल और भूपेंद्र सिंह रह रहे हैं।
सिर्फ 8 मंत्रियो के पास है बंगले

विधानसभा ने भार्गव के लिए सरकार से मांगा बंगला
विधानसभा ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के लिए (B-1 74 बंगला) मांगा है। इस पत्र में कहा गया है कि भार्गव राज्य विधानसभा के सबसे वरिष्ठ विधायक हैं। वे लगातार 9 बार चुनाव जीत रहे हैं। यही वजह है कि उन्हें प्रोटेम स्पीकर भी बनाया गया था। उनकी सीनियरिटी को देखते हुए उन्हें बंगला आवंटित किया जाए। हालांकि सरकार स्तर पर फैसला नहीं हुआ है। अभी फाइल गृह विभाग से मुख्यमंत्री सचिवालय नहीं पहुंची है। विधानसभा सचिवालय ने यह पत्र 28 दिसंबर को भेजा था। बता दें कि भार्गव 2003 से इसी बंगले में रह रहे हैं।










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