जापान

भूकंप के बाद इशिकावा शहर में कई जगहों पर आग लग गई है।
जापान के इशिकावा में नए साल के दिन 7.2 की तीव्रता का भूकंप आया। जापान टुडे के मुताबिक इससे अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, वहां 50 आफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए हैं। इनकी तीव्रता 3.4 से 4.6 के बीच रही है।
प्रधानमंत्री फुमिया किशिदा ने कहा है कि भूकंप में मरने वालों की तादाद काफी ज्यादा है। किशिदा ने कहा कि जगह-जगह आग लगी है, लोग इमारतों के नीचे दबे हैं। इशिकावा में 200 इमारतें जलकर खाक हो चुकी हैं। जापान के रक्षा मंत्री के मुताबिक मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए सेना के एक हजार सैनिक तैनात किए गए हैं।
समय कम है और ज्यादा लोगों की जान बचानी है। इशिकावा में 32,500 घरों में बिजली नहीं है। BBC के मुताबिक 19 अस्पतालों में भी बिजली नहीं होने की वजह से लोगों के इलाज में परेशानी आ रही है। वहीं, जापान के इशिकावा इलाके में एक और भूकंप की चेतावनी जारी की गई है।

जापान के राजा ने नए साल का कार्यक्रम रद्द किया
नए साल पर जापान के राजा नारुहितो अपने परिवार के साथ टोक्यो में नए साल के कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। हालांकि, इशिकावा के भूकंप पीड़ितों के प्रति सहानूभूति जताते हुए कार्यक्रम रद्द कर दिया।
दरअसल, हर साल जापान का शाही परिवार राजमहल की बालकनी में आकर लोगों को नए साल की शुभकामनाएं देता है। ये रिवाज सालों से चला आ रहा है।

तस्वीर 2023 की है, जब जापान के राजा और उनके परिवार ने राजमहल की बालकनी में आकर लोगों का अभिनंदन स्वीकार किया था। इस साल भूकंप के चलते ये कार्यक्रम रद्द हो गया।
भारतीय दूतावास ने इमेरजेंसी कंट्रोल रूम बनाया
भारतीय दूतावास ने भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए इमरजेंसी कंट्रोल रूम बनाया है। सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म ‘एक्स’ पर दी गई जानकारी के मुताबिक कोई भी शख्स यहां आकर मदद मांग सकता है। इससे पहले दूतावास ने ई-मेल आईडी और नंबर भी जारी किए थे। ये इस तरह हैं : + 81-80-3930-1715, + 81-70-1492-0049, + 81-80-3214-4734, + 81-80-6229-5382, + 81-80-3214-4722।
जापान में भूकंप से मची तबाही की तस्वीरें..

भूकंप से इशिकावा के सूजू पोर्ट पर बना एक सेंटर तबाह हो गया। भूकंप से समुद्र में काफी ऊंची लहरें उठी थी।

इशिकावा में आए भूकंप से सड़क में दरारें पड़ गई।

जापान के इशिकावा में भूकंप के चलते एक घर नीचे खड़ी कार पर गिर गया।

जापान के इशिकावा में स्थित वाजिमा शहर में भूकंप की वजह से सड़क धंस गई।

तस्वीर वाजिमा के रिहायशी इलाके की है, यहां भूकंप की वजह से एक इमारत में आग लग गई।

इशिकावा के कागा शहर में एक बिजनेस फैसिलिटी में भूकंप की वजह से अंदर का एक ढांचा गिर गया है।
मरीजों तक नहीं पहुंच पा रहे डॉक्टर
भूकंप में घायल हुए लोगों को इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है। इसकी वजह ये है कि भूकंप की वजह से ज्यादातर सड़कें टूट चुकी हैं और डॉक्टर्स प्रभावित जगहों पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक- जापान की एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर्स अब डॉक्टर्स को प्रभावित इलाकों में पहुंचा रहे हैं। जरूरी सामान पहुंचाने में भी इसी वजह से दिक्कत आ रही है।

इशिकावा के ओनोमिनाटो में सोमवार को एक पवित्र स्थान पर पूजा करने गए लोग भूकंप के बीच खुद को बचाते हुए।

जापान के तोयामा में भूंकप से बचने के लिए छिपते लोग।
जापान में सुनामी का हाईएस्ट अलर्ट वापस
जापान में सोमवार को आए भूकंप के बाद यहां सुनामी आने की संभावनाएं जारी की गई थी। वाजिमा शहर में करीब 4 फीट ऊंची (1.2 मीटर) लहरें उठीं। हालांकि, सरकार ने मंगलवार सुबह सुनामी की वॉर्निंग वापस ले ली। समुद्र के किनारे पर रहने वालों से कहा गया है कि वो फिलहाल घर न लौटें, क्योंकि ऊंची लहरों का खतरा लौट भी सकता है।
जापान के 4 सबसे बड़े भूकंप

रिंग ऑफ फायर पर बसा है जापान
जापान भूकंप के लिहाजे से सेंसिटिव है। यहां भूकंप आते रहते हैं, क्योंकि ये दो टेक्टोनिक प्लेटों के जंक्शन के पास स्थित है। इशिकावा प्रान्त, जहां भूकंप आया है, महासागर के चारों ओर भूकंपीय फॉल्ट लाइनों की एक घोड़े की नाल के आकार की श्रृंखला- रिंग ऑफ फायर के करीब स्थित है।
रिंग ऑफ फायर ऐसा इलाका है जहां कॉन्टिनेंटल प्लेट्स के साथ ओशियनिक टेक्टॉनिक प्लेट्स भी मौजूद हैं। ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं तो भूकंप आता है। इनके असर से ही सुनामी आती है और वोल्केनो भी फटते हैं।
दुनिया के 90% भूकंप इसी रिंग ऑफ फायर में आते हैं। यह क्षेत्र 40 हजार किलोमीटर में फैला है। दुनिया में जितने सक्रिय ज्वालामुखी हैं, उनमें से 75% इसी क्षेत्र में हैं। 15 देश- जापान, रूस, फिलीपींस, इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड, अंटार्कटिका, कनाडा, अमेरिका, मैक्सिको, ग्वाटेमाला, कोस्टा रिका, पेरू, इक्वाडोर, चिली, बोलिविया रिंग ऑफ फायर की जद में हैं।







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