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पटवारी परीक्षा में टॉप 5 की छात्रा का दुख: कहा-मेरी माली हालत ऐसी नहीं कि 15 लाख दे सकूं / Shivpuri News

शिवपुरी: ‘मैं पूजा रावत। मैंने पटवारी परीक्षा का फॉर्म भरा था। मुझे एनआरआई कॉलेज सेंटर मिला। इससे पहले मैं कभी इस कॉलेज में नहीं गई, न कभी देखा। मेरे अच्छे नंबर आए, जो मैंने घरवालों को बताए। सभी बहुत खुश थे। पिताजी ने कहा ग्वालियर में पढ़ते-पढ़ते 6 साल हो गए तुम्हें, चलो कुछ तो अच्छा हुआ।


मैं एक छोटे से गांव से हूं। हमारी आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। बावजूद इसके पिताजी ने मुझे इतना पढ़ाया। अब कुछ लोग कह रहे हैं कि फर्जीवाड़ा हुआ है। हम लोगों ने पैसे दिए हैं। आप हमारा बैकग्राउंड चेक करिए। हम कहां से 15-20 लाख रुपए लाएंगे। पहले आप स्टूडेंट्स के बारे में पता कीजिए कि वो लोग किन परिस्थितियों में अपनी स्टडी पूरी कर रहे हैं, तब जाकर आप उन स्टूडेंट्स का नाम उछालिए।’

पूजा का कहना है कि उसने कड़ी मेहनत करके 177 अंक लाकर टॉपर सूची में पांचवां स्थान बनाया। वो अपनी सफलता से खुश है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया के विरोध के बाद उनका मन दुखी भी है। पूजा ने वीडियो जारी कर अपनी पीड़ा बताई है।

विधायक के कॉलेज के सेंटर से पटवारी भर्ती में टॉप-10 में 7 उम्मीदवार

मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) द्वारा आयोजित ग्रुप-2 (सब ग्रुप-4) व पटवारी भर्ती परीक्षा के रिजल्ट पर विवाद है। भर्ती परीक्षा के टॉप-10 की लिस्ट में से 7 उम्मीदवारों ने ग्वालियर के जिस केंद्र में परीक्षा दी, वह भिंड के बसपा विधायक संजीव कुशवाहा (अब बीजेपी ज्वाइन कर चुके) का है। इस सेंटर से 114 लोगों का चयन हुआ है। विधायक के सेंटर से 7 टॉपर होने पर उम्मीदवारों ने परीक्षा रद्द करने की मांग की है।

जैसे-तैसे पढ़ाई के लिए पिता को किया था राजी

पूजा ने बताया कि गांव में पढ़ाई पूरी करने के बाद लड़कियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मेरे साथ भी ऐसा हुआ था। मैंने 2017 में 12वीं चिनोर के गर्ल्स हॉस्टल में रहकर पास की। मैं आगे पढ़ना चाहती थी, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण पिता ने पढ़ाई छोड़ने की बात कही। रिश्तेदारों ने भी पिताजी को मेरी शादी करने की सलाह दी। फिर मैंने पिताजी को आगे की पढ़ाई के लिए मनाया, मेरी इच्छा को देखते हुए उन्होंने हां कर दी।

कुछ साल पहले मैं ग्वालियर में रहने आई। यहां गर्ल्स हॉस्टल में रहकर पॉलिटेक्निक की पढ़ाई के साथ एसएससी सहित अन्य परीक्षाओं की तैयारी की। इससे पहले मैं एमपी पुलिस और एसएससी जीडी की परीक्षा दे चुकी हूं, लेकिन मुझे सफलता नहीं मिली। मैंने तैयारी जारी रखी। दिन-रात एक कर पटवारी की परीक्षा दी। जिसमें मुझे मध्यप्रदेश में टॉप 10 की सूची में पांचवां स्थान मिला।

इसलिए हो रहा पटवारी परीक्षा टॉपर्स को लेकर विवाद

टॉप-10 में शामिल इन सातों उम्मीदवारों का सेंटर ग्वालियर के NRI कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में था। इन उम्मीदवारों के रोल नंबर की सीरीज भी एक जैसे शुरुआती अंक ‘2488’ से हुई। इन सात में 5 उम्मीदवारों के हस्ताक्षर हिंदी में हैं। हस्ताक्षर में भी सिर्फ नाम लिखा गया है। किसी तरह की बनावट नहीं है। इसके बाद फर्जीवाड़े के आरोप बढ़ गए हैं। इन 7 टॉपर्स ने कुल 200 अंक में से 174.88 से 183.36 तक प्राप्त किए हैं। यह अंक नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया के बाद फाइनल रिजल्ट में मिले हैं।

नॉर्मलाइजेशन के बाद करीब 10 अंक तक घटे और बढ़े हैं। जिन प्रश्नों को ईएसबी ने परीक्षा के बाद कैंसिल कर दिया और उनके नंबर नहीं दिए गए, उनके उत्तर भी इन उम्मीदवारों ने सही दर्ज किए थे। एक टॉपर उम्मीदवार के 11 प्रश्न कैंसिल किए हैं, उनमें से 10 के उत्तर सही लिखे थे।

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