Press "Enter" to skip to content

पोहरी और टोंगरा रोड पर किसानों से सीधे गेहूं, चना और सरसों खरीद रहे दुकानदार / Shivpuri News

शिवपुरी: डाक के जरिए किसानों को उपज के बेहतर दाम मिल सकें, इसलिए कृषि उपज मंडियां संचालित की जा रही हैं। लेकिन शिवपुरी जिला मुख्यालय की अनाज मंडी के अलावा भी शहर में जगह-जगह किसानों से सीधे उपज खरीदी जा रही है। किसानों को ना सिर्फ बेहतर दाम नहीं मिल पा रहे हैं बल्कि हर दिन मंडी टैक्स चोरी भी हो रही है।


शिवपुरी एसडीएम दो-दो बार मंडी सचिव को नोटिस जारी कर चुके हैं, इसके के बाद भी बाहर चल रही खरीदी बंद नहीं हो सकी है। जानकारी के मुताबिक शहर के पोहरी रोड पर फाटक पार सहित सिंहनिवास और उससे भी आगे दुकानें खोलकर किसानों की उपज सीधे खरीदी जा रही है।

क्षेत्र के कई किसान मंडी तक नहीं पहुंच पाते, जिससे उन्हें उपज की बेहतर कीमत नहीं मिल पा रही है। मंडी के बाहर खरीदी प्रतिबंधित है, लेकिन मंडी प्रबंधन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस कारण मंडी में आवक घट रही है। इस तरह मंडी टैक्स चोरी के साथ मंडी की आवक घटने से सरकार को राजस्व के रूप में नुकसान हो रहा है। शहर में पोहरी रोड के अलावा टोंगरा रोड फतेहुर, बड़ौदी और बालाजी धाम क्षेत्र में सीधे उपज खरीदी हो रही है।

मार्च में 25% आवक कम रहने पर संयुक्त संचालक नोटिस दे चुके हैं: मार्च 2023 में पिछले साल की अपेक्षा आवक 25% कम रही थी। इसके चलते संयुक्त संचालक आरपी चक्रवर्ती ने शिवपुरी मंडी सचिव हरेंद्र सिंह राठौर को नोटिस जारी किया। जबाव तलब करते हुए आवक बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए। संयुक्त संचालक के नोटिस के बाद भी कोई असर नहीं पड़ा है।

एसडीएम के नोटिस के बाद फ्लाइंग गठित की
मंडी के भार साधक अधिकारी शिवपुरी एसडीएम ने अप्रैल 2023 में पिपपसमां मंडी का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में कई अनियमितताएं मिली थीं। मौके से नदारद कर्मचारियों के बारे में पूछने पर सचिव ने बाहर खरीदी में ड्यूटी की बात कही थी। एसडीएम के पूछने पर सचिव जगह नहीं बता पाए थे। सचिव ने आनन फानन में कर्मचारियों की ड्यूटी हटाकर फ्लाइंग गठित कर दी। लेकिन फ्लाइंग ने अभी तक बाहर खरीदी रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किए है। मौजूदा समय में बाहर खरीदी जारी है, जिससे मंडी टैक्स चोरी हो रही है।

छह साल में तीन मंडी सचिव बदले, फिर भी सुधार नहीं
शिवपुरी मंडी में साल 2018 में भावांतर धांधली के चलते मंडी सचिव को निलंबित कर दिया था। तब अनिरुद्ध सिंह तोमर आए तो सुधार की उम्मीद थी। उस वक्त भी बाहर खरीदी नहीं रुकने पर मंडी सचिव को कलेक्टर के प्रतिवेदन पर हटाया था। फिर आरपी सिंह ने पदभार संभाला तो हालात और ज्यादा खराब हो गए। उसके बाद हरेंद्र सिंह राठौर मंडी सचिव हैं, फिर भी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। बाहर हो रही खरीदी नहीं रुक पा रही है।

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »
More from ShivpuriMore posts in Shivpuri »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!