नम आंखो से दी युवा नेता को विदाई सम्पूर्ण जिले में शोक की लहर
नरसिंहपुर: रविवार की देर शाम को नरसिंहपुर सुपुत्र विधायक जालम सिंह पटेल के व केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल के भतीजे मणिनागेंद्र मोनू पटेल (मोनू भैया) के
आकस्मिक निधन हो गया। जिनका अंतिम संस्कार गोटेगांव में निजी खेत में किया गया। जिन्हें केन्द्रीय मंत्री के पुत्र प्रबल पटेल ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा मे हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। चहेते को खोने पर समूचे क्षेत्र में शोक की लहर रही।
घर पर अचेत अवस्था में मिले मोनू पटेल




मिली जानकारी के अनुसार युवा नेता मणिनागेन्द्र पटेल दोपहर तकरीबन 1 बजे अपने घर पर सोने के लिये गये थे जब शाम को 6 बजे तक नहीं उठे तो परिजनों द्वारा जगाया गया एवं आवाज दी उत्तर ना मिलने पर परिजनों द्वारा दरवाजा खोला तो देखा मोनू पटेल विस्तर पर अचेत अवस्था मे उल्टे पड़े हुये थे जिन्हें तुरंत स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया जहां पर डाक्टरों द्वारा मृत घोषित कर दिया। जनसुनवाई के माध्यम से भी सुनते थे लोगों की
समस्यायें
मोनू पटेल अपने निज निवास गोटेगांव में जनसुनवाई लगाते थे जिसमें वह गरीब मजबूर लोगों की शिकायतें सुनकर उनको प्रशासन के पास पहुंचाते थे जिसके बाद प्रशासन तत्परता से उन पर कार्रवाई करता था और गरीबों की जो भी समस्या रहती थी उसको तत्काल हल कराने के लिए मोनू पटेल इसी तरह के कार्य करते रहते थे जिससे गरीब मजदूरों की समस्या जल्द हल हो सके। श्री पटेल अपनी काम करने की शैली को लेकर मशहूर थे। मोनू पटेल की करिश्माई नेतृत्व शैली ने उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र में युवाओं के बीच एक लोकप्रिय व्यक्ति बना दिया है। वह एक स्वाभाविक संचारक है और लोगों को प्रेरित करने में माहिर थे। अभिनव सोच के धनी ये मोनू भैया मोनू पटेल अपनी इनोवेटिव सोच और लीक से हटकर आइडिया के लिए जाने जाते थे वह हमेशा समस्याओं को करने और अपने घटकों हल के लिए अवसर पैदा करने के नए तरीकों को तलाश में रहते थे।
उन्होंने कई आईएनआई लॉन्च किए थे वह हमेशा गरीबों के विकास के बारे सोचा करते थे। जिले की विकास की बाते करते थे यही वजह थी कि मोनू पटेल इतने कम समय में युवाओं की दिलो की धड़कन बन गए थे मोनू पटेल एक मेहनती व्यक्ति थे जो अपने निर्वाचन क्षेत्रों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहते थे। उन्हें अक्सर जमीन पर देखा जाता था, लोगों के साथ बातचीत करते हुए और उनकी चिंताओं को दूर करते हुए उनके पास एक मजबूत कार्य नीति थी वह हमेशा अपने निर्वाचन क्षेत्रों में अपनी कार्यशैली के दम पर युवा और लोगों के साथ जल्दी घुल मिल जाते थे और हमेशा सर जमीन से जुड़े हुए रहते थे यहीं वजह थी कि मोनू पटेल अपनी विधानसभा क्षेत्र में निर्वाचन के समय मजबूत भूमिका भी अदा करते थे।
4 सदस्यीय डाक्टरों कीटीम ने किया शव का परीक्षण
आकर्षक करिश्माई गढ़ते व्यक्तित्व को इस तरह से अचानक इस दुनिया को अलविदा कह जाना हर किसी को नागवार गुजर रहा है। आज उनके विरोधियों की भी आँखों में आँसू थे लेकिन ईश्वर के विधान को समझना किसी के वश में नही। शायद उनकी जिंदगी में इतने ही दिन थे. सभी ने यही प्रार्थना की कि उन्हें भगवान के श्री चरणों में स्थान मिले व ईश्वर उनके परिवार को इस विशाल आघात को सहने की शक्ति प्रदान करे। समस्त जिला ही समूचे प्रदेश व देश भर में मौजूद उनके शुभचिंतकों में शोक की लहर व्याप्त है। सोमवार को जबलपुर से आई डाक्टरों की 4 सदस्यीय टीम द्वारा शव का परीक्षण किया गया जिसके उपरांत निजी खेत में अंतिक संस्कार किया गया। डाक्टरों द्वारा बताया गया कि मौत का मुख्या कारण हार्ट अटैक है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुख व्यक्त किया
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधायक जालम सिंह पटेल के सुपुत्र मोनू पटेल के असामयिक निधन पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इल्वर से दिवंगत आमाको शांति और शोकाकुल परिजन को यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मोलू पटेल का अंतिम संस्कार केद्रीय मंत्री सिंह पटेल के पुत्र प्रवल सिंह पटेल के द्वारा किया गया। इस अवसर घर तेंदूखेड़ा विधायक संजय शर्मा, धरणी विधायक संजय यादव राहुल लोधीटेक एलपी प्रजापति फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा देवरी जनपद पंचायत के अध्यक्ष प्रतिनिधि विनीत पटेरिया आदि सहित हजारों की संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।






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