शिवपुरी। मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा लुकवासा से 2.17 लाख रु. का ऋण लेकर जमा नहीं किया। बैंक प्रबंधन ने 30 दिन की सूचना देकर चेक लगाया तो बाउंस हो गया। न्यायालय सपना पटवा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोलारसी ने ऋणी खाताधारक बाबू पुत्र मांगी किरार निवासी ग्राम रांछी को धारा 138 पराक्रम्य लिखित अधिनियम के तहत दोष सिद्ध होने पर 6 माह का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही ऋणी खाताधारक से 2 लाख 17 हजार 64 रु. का भुगतान के अलावा धारा 357(3) दंप्रसं के तहत चैक दिनांक से 9 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से चैक राशि के अलावा 1 लाख 3 हजार 673 रु. भी प्रतिकर के रूप में देने होंगे।






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