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कहते है तस्वीर झूठ नहीं बोलती और शिवपुरी के सरकारी अस्‍पताल की सच्‍चाई बताने वाली ये फोटो आपने देखी क्‍या? / Shivpuri News

शिवपुरी। जिला अस्पताल में मरीजों के परेशान होने की बात आए दिन सामने आती रहती है। कभी अस्पताल के पंखे व एसी खराब पड़े रहते हैं तो कभी मरीजों को बैड नहीं मिल पाते या फिर कभी डॉक्टर व नर्स मरीजों की सुनवाई नहीं करते। मरीजों को ठीक करने वाला अस्पताल धीरे—धीरे खुद बीमार होने लगा है। आज अस्पताल में एक प्रसूता को लाया गया था। उसे ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक अस्पताल में नहीं मिला। यहां तक नर्सों ने ग्लूकोज बोतल भी मरीजों के परिजनों के हाथों में पकड़ा दी। ग्‍लूकोज की बोतल हाथ में पकड़े उनकेपरिजन काफी कुछ सरकारी अस्पतालों की हकीकत को बिना कुछ कहे बयान करने के लिए काफी है। कहते है तस्वीर झूठ नहीं बोलती और एक तस्वीर सब कुछ बोल भी देती है ऐसी ही हैरान करने वाली तस्वीर देखने को मिली शिवपुरी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में जहां मरीजों के लिए मूलभूत सुविधाएं भी नहीं है।

क्या था पूरा मामला –
जानकारी के मुताबिक, पूजा जाटव पति अर्जुन निवासी दोहरार मोहना के पास शिवपुरी डिलेवरी के लिए अस्पताल आईं थी। यहां प्रसूता को ले जाने के लिए स्ट्रचर परिजनों ने काफी ढूंढा लेकिन वह नहीं मिला। जैसे—तैसे परिजन उसे अस्पताल के अंदर तक लेकर आए। बात यहीं तक होती तो कुछ भी न थी। डॉक्टरों ने चैकअप के बाद प्रसूता महिला को ग्लूकोज की बोतल लगा दी और वह बोतल उनके परिजनों को पकड़ा दी। अस्पताल प्रबंधन द्धारा किए गए इस व्यवहार से महिला के परिजन नाराज नजर आए और अस्पताल की व्यवस्थाओं को कोसते दिखे। सरकारी दावों के बीच अस्पताल के व्यवस्था की पोल खोलती तस्वीर देख कोई भी सहज अंदाजा लगा सकता है कि इलाज़ कराने पहुंचे मरीज डॉक्टर के सहारे है या भगवान भरोसे ?

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