सुनील रजक शिवपुरी. नगरीय निकाय चुनाव कि घोषणा के बाद लगातार पार्टी प्रत्याशी एवं निर्दलीय प्रत्याशी अपने जनसंपर्क में जोरों से जुट गए हैं. वही कांग्रेस से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए कुछ कार्यकर्त्ताओं के आने के बाद कुछ भाजपा के लोगों का टिकट कटा हैं तो वहीं कई वार्ड़ो में पार्टी ने नए कार्यकर्ताओं पर विश्वास बांधा है इसके चलते कई लोगों ने पार्टी से बगावत की है वही हाल कांग्रेस में भी देखने को मिला है कई निर्दलीय प्रत्याशी भारतीय जनता पार्टी एवं कांग्रेस से मैदान में उतर चुके हैं और अपनी किस्मत आजमा रहे हैं भारत जनता पार्टी ने कुछ कार्यकर्ताओं को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है लेकिन अंत में देखना होगा कि यह कहानी कहां तक रंग लाती है क्या जो निर्दलीय प्रत्याशी जीतेंगे उन्हें पार्टी शामिल करेगी यह देखने का पहलू है.
वार्ड नंबर 11 की बात की जाए तो भारतीय जनता पार्टी से नीलम बघेल मैदान में है यह पहले भी पार्षद रह चुकी है बताना होगा कि पहले यह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीती थी जिसके बाद इस बार पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है लेकिन इस बार नीलम बघेल को सीट निकालना इतना आसान नहीं है क्योंकि इनके पति के खिलाफ कई अपराधिक केस दर्ज हैं अब जनता क्या सोचती है वह जनता ही जानती है देखना होगा कि फिर से नीलम बघेल को जनता पार्षद सुनती है या फिर किसी नए चेहरे को चुनती है.
कांग्रेस ने भोलू सिकरवार को अपना प्रत्याशी बनाया है बताना होगा कि भोलू सिकरवार पहली बार पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं.
गजेंद्र समाधिया लड़ रहे निर्दलीय चुनाव
बताना होगा कि इस बार गजेंद्र समाधिया को टिकट नहीं दिया जिसके चलते गजेंद्र समाधिया वार्ड नंबर 11 से निर्दलीय मैदान में उतर चुके हैं वही बताना होगा कि पहले भी गजेंद्र समाधिया कांग्रेस से एक बार चुनाव हार चुके हैं. सूत्रों कि माने तो भाजपा से टिकट कि मांग भी इनके द्वारा कि गई थी
रानू रघुवंशी भी इस बार निर्दलीय मैदान में
रानू रघुवंशी पहली बार चुनावी मैदान में हैं और अपनी ताल ठोकते नजर आ रहे हैं बताना होगा कि कोरोनाकाल में सभी अपने घरों में कैद थे तब पूरे शहर को सेनेटाइज करने का कार्यभार रानू रघुवंशी ने संभाला था अपने वार्ड में ही नहीं बल्कि उन्होंने पूरे शहर में जब सभी लोग अपने घरों में कैद थे तब उन्होंने बाहर आकर पूरे शहर को सैनेटाइज करने का अकेले ही अपनी टीम के साथ जिम्मा संभाला था बताना होगा कि बिना किसी भेदभाव या मतलबीपन से उन्होंने यह कार्य नहीं किया था जनता खुद चाहती है कि उन्हें इस बार वार्ड नंबर 11 से जिताया जाए सूत्रों की माने तो रानी रघुवंशी को अपार जनसमर्थन जनता का अपने वार्ड में मिल रहा है वहीं शहर के लोग भी रानू रघुवंशी को समाजसेवी के तौर पर अच्छी तरह से जानते हैं कहा जाता है कि इस बार रानू रघुवंशी की सीट निकलना तय मानी जा रही है, रानू रघुवंशी अपने कार्यों के प्रति इस बार सभी प्रत्याशियों को टक्कर दे सकते हैं वही जनसंपर्क के दौरान भी रानू रघुवंशी को अपार समर्थन मिल रहा है.






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