शिवपुरी। नगरीय निकाय चुनावों में नाम वापस लेने की बुधवार को अंतिम तिथि थी। जिले के सभी नगरीय निकायों में कुल 223 उम्मीदवार चुनाव लड़ने से पीछे हट गए हैं। इसमें बड़ी संख्या में भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता भी हैं। शिवपुरी नगर पालिका से 87 लोगों ने अपना नाम वापस लिया है और अब यहां से 39 वार्ड में कुल 264 प्रत्याशी चुनाव लडेंगे। भाजपा की ओर से वरिष्ठ नेताओं और खुद कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने डैमेज कंट्रोल के लिए काफी प्रयास किए थे। पार्टी ने यह भी घोषणा कर दी थी कि यदि कोई बागी बनकर चुनाव लड़ता है तो उसे पार्टी से 6 साल के निष्कासित कर दिया जाएगा। इससे कुछ वार्ड में यह सफल भी हुए, लेकिन कई वार्ड में मान मनौव्वल के बाद भी कार्यकर्ता नहीं माने और अब निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। वार्ड 6 से चुनाव लड़ रहे तरुण अग्रवाल को खुद कैबिनेट मंत्री ने टूरिस्ट विलेज में समझाया था, लेकिन उन्होंने नाम वापस नहीं लिया व उनकी पत्नी निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी। कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की सूची ही घोषित नहीं की थी और मंगलवार को मेंडेंट जारी करने के पहले ही नाम सार्वजनिक किए थे। इसका परिणाम यह रहा है कि अधिकांश वार्ड में पार्टी से एक से अधिक लोग मैदान में हैं। पार्टी के प्रत्याशी को यह परेशानी बन सकते हैं। भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी हटा दिए जाएं तो 187 निर्दलीय व अन्य पार्टियों के उम्मीदवार हैं। इसमें 50 से अधिक ऐसे हैं जो कांग्रेस या फिर भाजपा से जुड़े हुए हैं। यह सभी लोग पार्टी के प्रत्याशियों के लिए परेशानी का सबब बनेंगे। दूसरी ओर बदरवास में दो वार्ड तो मगरौनी में एक वार्ड निर्विरोध भी हो गया है। बुधवार को सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए गए हैं।
तीन वार्ड हुए निर्विरोध
मगरौनी के वार्ड 10 से पूर्व सरपंच पूर्व मंडी अध्यक्ष सरमन सिंह कंसाना निर्विरोध पार्षद बीजेपी से चुने गए हैं। यहां से निर्दलीय प्रत्याशी पंजाब सिंह ने अपना नाम वापस ले लिया है। बदरवास में वार्ड 3 से गोपाल परिहार निर्विरोध पार्षद बनेंगे। यहां से चार लोगों ने नामांकन भरा था जिसमें से एक का खारिज हो गया और दो ने अपने नाम वापस ले लिए। यहीं के वार्ड क्रमांक 5 से भाजपा के राजेंद्र कुमार निर्विरोध पार्षद बने हैं।
वार्ड 28 में पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो सौंपा इस्तीफा, अब निर्दलीय मैदान में
यहां से तीन भाजपा कार्यकर्ताओं ने नाम वापस ले लिया है, लेकिन निर्दलीय फार्म भरने वाले भाजपा कार्यकर्ता दीपेश फड़नीस ने अपना नाम वापस नहीं लिया है। दीपेश ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और मिली हुई जिम्मेदारियों से खुद को मुक्त करने का अनुरोध करते हुए इस्तीफा भी दे दिया है। इसके पूर्व वार्ड 38 के पूर्व पार्षद भोपाल सिंह दांगी व उनकी पत्नी और वार्ड 36 से श्याम परिहार पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा कर चुके हैं।
पूर्व नपा उपाध्यक्ष ने वापस लिया नामांकन, जिला बदर पर आज निर्णय
पूर्व नपा उपाध्यक्ष अनिल शर्मा उर्फ अन्नाी ने वार्ड 11 से नामांकन भरा था, लेकिन बुधवार को उन्होंने नामांकन वापस ले लिया है। अन्नाी शर्मा पर जिला बदर करने का प्रकरण चल रहा है। डीएम आज इसकी सुनवाई करेंगे और माना जा रहा है कि अन्नाी शर्मा का जिला बदर होना लगभग तय है। इस मामले में अन्नाी शर्मा का कहना है कि जिला बदर की कार्रवाई लगभग तय है। मैंने वकील के माध्यम से अपनी ओर से कई बिंदु स्पष्ट किए हैं। 2013 में रासुका की कार्रवाई हो चुकी है और ऐसे में पुराने प्रकरणों पर दोबारा कार्रवाई नहीं हो सकती है। इसके बाद चार ही अपराध हैं और उनमें से भी कई राजनीतिक द्वेष के चलते की गई कार्रवाई हैं। हालांकि नामांकन वापस ले लिया है। दूसरी ओर उनकी पत्नी बबीता शर्मा वार्ड 10 से कांग्रेस की प्रत्याशी हैं।






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