शिवपुरी। शासकीय ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारी अपनी पूरी जिंदगी कर्तव्य का निर्वहन करते हुए निकाल देते हैं और जब वह रिटायर होते हैं तो उन्हें अपनी पेंशन व जमा की हुई राशि से बहुत बड़ी आस लगी रहती है लेकिन विभागों में भ्रष्टाचार का बोलबाला इतना बड़ा है कि खुद के ही रुपए निकालने के लिए खुद के ही ऑफिस में कर्मचारियों जो बाबू कहे जाते हैं उन्हें कमीशन देना पड़ता है। अगर कमीशन नहीं दिया तो यह बाबू चक्कर लगवा लगवा कर परेशान कर डालते हैं। ऐसा ही एक मामला आज जनसुनवाई में सामने आया यहां एक रिटायर कर्मचारी को पेंशन प्रकरण तैयार करवाने व अपनी जमा पूंजी निकालने के लिए परेशान होना पड़ रहा है क्योंकि बाबू उससे एक मोटी रकम कमीशन के रूप में मांग रहा है।
जनसुनवाई में आए जीआर माहौर ने बताया कि सिंध परियोजना का नाटक नहर संभाग करेरा में सहायक वर्ग 2 के पद पर कार्यरत थे। दिनांक 31 मार्च 2022 को वह सेवानिवृत्त हुए लेकिन सेवानिवृत्ति के 2 माह बीत जाने के बाद भी उसे बीमा समर्पित अवकाश ग्रेजुएटी की राशि का भुगतान नहीं किया गया है ना ही पेंशन प्रकरण तैयार कर पेंशन कार्यालय शिवपुरी को भेजा गया है। इस संबंध में कार्यपालन यंत्री से जब जानकारी चाही तो उन्होंने मुझे गुलाब बाबू के पास भेज दिया जब मैं गुलाब बाबू के पास गया तो उन्होंने 7% कमीशन कुल राशि जो मुझे भुगतान होना थी उसमें से मांगा और कहा कि अगर आप यह कमीशन नहीं दोगे तो आप का भुगतान कोई भी नहीं करा पाएगा आपकी मर्जी हो चाहे जहां चले जाना और चाहे जहां शिकायत करना मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। इसलिए मामले में कार्रवाई करते हुए मुझे भुगतान चला जाए ब मेरा पैशन पकड़ जिला पर भेजा जाए।






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