आधे से ज्यादा वोट युवाओं के हाथ में, इन्हें साधकर ही मिल पाएगी जीत
शिवपुरी। नगरीय निकाय चुनावों की घोषणा हो चुकी है। शिवपुरी नगर पालिका में 1.44 लाख मतदाता 39 वार्डों के पार्षदों का चुनाव करेंगे। शहर के 1.44 लाख मतदाताओं में से 79096 यानी करीब 55 प्रतिशत मतदाता युवा हैं। इन्हें साधकर ही नगर पालिका परिषद में बैठने का रास्ता साफ हो सकेगा। नगर पालिका में सबसे अधिक मतदाता 30 से 39 वर्ष आयु वर्ग के हैं। गुरुवार को कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह, एसपी राजेश सिंह चंदेल और एडीएम उमेश शुक्ला ने नगरीय निकाय निर्वाचन के संबंध में पत्रकार वार्ता कर जानकारी साझा की। शिवपुरी में दो चरणों में मतदान होना है जिसमें पहले चरण में खनियांधाना, बदरवास और रन्नाौद में होंगे। शिवपुरी नगर पालिका सहित शेष नगर परिषदों में दूसरे चरण में मतदान होगा। चुनाव ईवीएम से कराया जाएगा। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने बताया कि कुल 330 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 82 को संवेदनशील और 2 केंद्रों को अतिसंवेदनशील केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया है। इसमें बदलाव भी संभव है। जो दो अतिसंवेदनशील केंद्र हैं वह मगरौनी और रन्नाौद में हैं। शिवपुरी नगर पालिका में 45 मतदान केंद्रों को संवेदनशील माना है। इसके अलावा अधिकारियों ने आदर्श आचार संहिता और नामांकन की प्रक्रिया की जानकारी दी।
हार्स ट्रेडिंग पर बोले अधिकारी- शिकायत जरूरी, स्वप्रेरणा से कार्रवाई नहीं
इस बार अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से होना है। ऐसे में पार्षदों की हार्स ट्रेडिंग यानी खरीदफरोख्त होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। इसे रोकने के संबंध में कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि इस पर स्वप्रेरणा से अधिक कार्रवाई नहीं की जा सकती है। इस संबंध में कार्रवाई के लिए शिकायत जरूरी है। यदि शिकायत मिलेगी तो जरूर उस पर कार्रवाई की जाएगी।
आचार संहिता लागू होते ही जारी हुए यह निर्देश
– 18 जुलाई तक की अवधि तक संपूर्ण जिले की राजस्व सीमाओं को कोलाहल नियंत्रण क्षेत्र (सायलैंस जोन) घोषित किया गया है। अधिनियम की धारा 2(घ) के अंतर्गत शिवपुरी जिले में पदस्थ अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को उनके मुख्यालय क्षेत्रांतर्गत उक्त अधिनियम के तहत विहित प्राधिकारी घोषित किया गया है।
– राजनैतिक अथवा सार्वजनिक समारोह आदि के लिये लाउडस्पीकर, ध्वनि विस्तारक यंत्रों तथा डीजे बैण्ड बाजा आदि के प्रयोग विहित प्राधिकारी की लिखित अनुज्ञा के बिना पूर्ण प्रतिबंधित रहेगा।
आम सभा, जुलूस एवं प्रचार कार्य हेतु लाउडस्पीकर तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग की अनुमति नगरीय निकाय क्षेत्रों में सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक दी जा सकेगी।
– ट्रक, जीप, टेम्पो, ऑटो रिक्शा, तांगा आदि वाहनों से चुनाव प्रचार-प्रसार की अनुमति आवेदन करने पर ही दी जा सकेगी। आवेदन पत्र में वाहन के पंजीयन क्रमांक का उपयोग अनिवार्य होगा।
– जिले में दर्ज समस्त शस्त्र अनुज्ञप्तियां 18 जुलाई तक के लिए निलंबित की गई हैं।
– स्वामी की लिखित अनुमति के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी सम्पत्ति को स्याही, खडिया, रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिखकर या चिन्हित कर विरूपित करने पर जुर्माने से दण्डनीय होगा। जो एक हजार रुपये तक का होगा।
– पेट्रोल पंप के संचालक एक हजार लीटर डीजल एवं 500 लीटर पेट्रोल रिजर्व स्टाक में रखेंगे।
– निर्वाचन संबंधी कार्ये के प्रयोजन से प्रयोग किये जाने वाली कारों/ वाहनों को किसी भी परिस्थिति में निर्वाचन क्षेत्र में अधिसूचना जारी होने की दिनांक से निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होने तक तीन से अधिक वाहनों के (सुरक्षा वाहनों को छोड़कर) काफिले में चलाने की अनुमति नहीं होगी।






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