शिवपुरी। न्यायालय शैलेश भदकारिया अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोलारस ने आपसी रंजिश मामले में 19 मई 2022 को फैसला सुनाया है। न्यायालय ने हत्या के जुर्म में एक पक्ष के आठ लोगों को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि दूसरे पक्ष के पांच लोगों को छह माह की कैद व अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन के अनुसार कोलारस के खरई गांव में 2 मार्च 2017 की शाम 6 बजे पुराने केस में गवाही को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया था। हमले में घायल दीवान उर्फ दिमना को शिवपुरी से ग्वालियर रेफर किया, जहां इलाज के दौरान 17 अप्रैल 2017 को मौत हो गई। पुलिस ने धारा 302 का इजाफा किया। इसी तरह दूसरे पक्ष के लोगों पर भी केस दर्ज विवेचना कर चालान कोर्ट में पेश किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर एक पक्ष के आरोपी रामप्रसाद पुत्र भूरा जाटव, रामवीर पुत्र मांगीलाल जाटव, हरवीर पुत्र बलदेवा जाटव, मनोज पुत्र बलदेवा जाटव, अमरलाल पुत्र कमलू जाटव, बलदेवा पुत्र रूपा जाटव, जगदीश पुत्र भैरो लाल जाटव और काशी उर्फ काशीराम पुत्र निरपतिया जाटव को धारा 148, 325, 323 एवं धारा 302 सहपठित धारा 149 में अलग-अलग सजा सुनाई है। कोर्ट ने आजीवन कारावास और 5 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं दूसरे पक्ष के रमेश पुत्र लालचंद्र जाटव, सुंदरलाल पुत्र ओंकार जाटव, जयभगवान पुत्र ओंकारलाल जाटव, मानसिंह पुत्र लालचंद्र जाटव और ओमप्रकाश पुत्र लालचंद्र जाटव निवासी खरई धारा 148, 323 सहपठित धारा 149, 325 सहपठित धारा 149 में सजा सुनाई है। पांचों को अधिकतम 6 माह का सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।




