अंचल में गर्मी के तेवर बढ़ते ही जा रहे है। गर्मी के चलते सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ। लोग गर्मी के चलते घरों में दुबके हुए हैं। बढ़ती गर्मी के चलते शिवपुरी के जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल में बने चिल्ड्रन वार्ड में भी अधिकांश बच्चों को मौसमी बीमारी के चलते भर्ती कराया। जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टरों का कहना है कि प्रति दिन 30 से 40 बच्चे उल्टी-दस्त की बीमारी के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल में बच्चों की बढ़ती संख्या, एक चुनौती
जिला अस्पताल में अत्यधिक गर्मी के चलते उल्टी दस्त की बीमारी के कई बच्चे प्रतिदिन भर्ती हो रहे हैं जिससे लगभग चिल्ड्रन वार्ड फूल हो चुके है ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल प्रबंधन को जल्द ही आवश्यक कदम उठाने पड़ेंगे जिला अस्पताल में बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन के द्वारा कोई भी आवश्यक कदम नहीं उठाए गए जबकि कोरोना का संकट भी जिला अस्पताल में अपने पैर जमा रहा है बीते कुछ रोज पूर्व में जिला अस्पताल के कई वार्डो से कोरोना के मरीजों की भी पुष्टि हुई है।
एनआरसी सहित पीआईसीयू में बड़ी कुपोषित बच्चों की संख्या
जिला अस्पताल में बनी एनआरसी लगभग 25 बच्चों की संख्या ऐसी है जो कुपोषित पाए गए जिनमें से 8 बच्चे अति कुपोषित की श्रेणी में आए हैं इन सभी 8 बच्चों का उपचार जिला अस्पताल के पीआईसीयू में जारी है। शेष कुपोषित बच्चों का उपचार अस्पताल में बनी एनआरसी में किया जा रहा है शिवपुरी जिले में लगातार कुपोषित बच्चों के आंकड़े क्षेत्र से सामने आते जा रहे वही महिला बाल विकास लाखों करोड़ों खर्च होने के बाद भी कुपोषित बच्चों की निकलने वाली संख्या में कटौती लाने में असफल होता दिखाई दे रही है। हाल ही में शिवपुरी के बांसखेड़ी गांव से दो अति कुपोषित बच्चों को शिवपुरी के पीआईसीयू में भर्ती कराया गया था डॉक्टर का कहना है दोनों के स्वास्थ्य में सुधार आया है।






Be First to Comment