शिवपुरी। कई सालों से सिद्धेश्वर मेले के अस्तित्व पर लग रहा ग्रहण जैसे—तैसे हटा। लेकिन नपा सीएमओ ने मेले के टेंडर में अपनी मनमानी की और जिस ठेकेदार को ठेका दिया गया उसने फर्जी दस्तावेज लगाए और 18.18 लाख रूपए में नपा के अधिकारियों से सांठगांठ कर टेंडर अपने नाम करवा लिया। अब सिद्धेश्वर मेले में दुकान लगाने आए बाहर के लोगों पर ठेकेदार व उसके साथी दबाव बना रहे हैं और कह रहे हैं कि दुकान लगाना है तो 16 हजार रूपए दो नहीं तो अपना सामान समेट कर चले जाओ। नपा व ठेकेदार की मनमानी के कारण ऐसा लगता है कि इस बार भी मेला नहीं लग सकेगा।
मेले में दुकान लगाने आए मो. नदीम निवासी बिहार का कहना है कि हर साल मेले में दुकान लगाते आ रहे हैं। इस बार भी वह अपना सामान लेकर आए थे लेकिन मेले के ठेकेदार उनके साथ कुछ अन्य लोग आए और कहा कि अगर दुकान के लिए जगह चाहिए तो 16 हजार रूपए देना होंगे। जिस पर नदीम ने कहा कि हर साल तो 3 हजार रूपए की रसीद कटती थी वह इतने रूपए कहां से देगा। जिस पर ठेकेदार द्धारा गाली—गलौंज की और कहा कि अपना सामान समेट लो और यहां से चले जाओ। नदीम ने बताया कि वह मेला लगाने के लिए आज से 15 दिन पहले आ गए थे अब उनका राशन भी खत्म हो गया है और भूखों मरने की स्थिति आ गई है। ठेकेदार के लोग आकर गाली—गलौंज करते हैं तथा पुलिस को भी बुलाकर धमकियां दिलवाते हैंं।
एक और दुकानदार आसिफ अली ने बताया कि मेले में दुकान लगाने के लिए ठेकेदार द्धारा 16 हजार रूपए मांगे जा रहे हैं। जब कहा कि पहले तो इतने रूपए नहीं लगते थे जिस पर ठेकेदार सुनील शर्मा द्धारा आधी रात को आकर गाली—गलौंज की और कहा कि अपना सामान हटा लो नहीं तो फेंक देंगे।
यहां बता दें कि सिद्धेश्वर मेला शिवपुरी का ठेका नगर पालिका शिवपुरी ने ग्वालियर के ठेकेदार सुनील शर्मा को 18 लाख 18 हजार 179 रूपए में दिया है। चूंकि मेले के टेंडर में लगाए गए दस्तावेज 11 अप्रैल को खुले थे जिसमें सुनील शर्मा ने ग्वालियर मेला विकास प्राधिकरण का जो प्रमाण पत्र लगाया, उसमें मेले में लगने वाले मंच पर लाइट डेकोरेशन का प्रमाणीकरण लगाया है। ठेकेदार ने वर्ष 2017—18, 2018—19 व 2019—20 में मेले में लाइट डेकोरेशन का प्रमाण पत्र लगाया है। चूंकि इस प्रमाणीकरण पर दूसरे ठेकेदार ने आपत्ति दर्ज कराई तो शिवपुरी नगर पालिका से दस्तावेज की सत्यता की जांच के लिए ग्वालियर मेला प्रधिकरण को भेजा। जिस पर ग्वालियर मेला प्राधिकरण ने ग्वालियर में उक्त तीन वर्षों में मेला लगाने वाले ठेकेदार सुरेश गौड़ का प्रमाणीकरण दिया है चूंकि सुरेश गौड़ ने ही तीन साल तक ग्वालियर में मेला लगाया था तथा कोरोनाकाल में उनका देहांत हो गया। ठेकेदार सुरेश गौड द्धारा लगाए गए ग्वालियर के मेले में मंच का डेकोरेशन करके ही खुद को ठेकेदार बनाकर प्रमाणीकरण बनवा लिया।






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