शिवपुरी। आखिरकार शिवपुरी के प्राचीन सिद्धेश्वर मेले का ठेला बुधवार को नगर पालिका ने 18.18 लाख रूपए में दे दिया। मेले का ठेका ग्वालियर के जिस ठेकेदार को दिया गया है उसके द्धारा लगाए गए दस्तावेजों को दूसरे ठेकेदार ने न केवल फर्जी बताया, बल्कि नपा के जिम्मेदारों को मेला विकास प्राधिकरण ग्वालियर द्धारा द्धारा दिए गए प्रमाण पत्र भी दिखाए। लेकिन सांठगांठ के चलते उन फर्जी दस्तावेजों को नजरअंदाज करके नपा ने मेले का ठेका दे दिया।
सिद्धेश्वर मेला शिवपुरी का ठेका नगर पालिका शिवपुरी ने ग्वालियर के ठेकेदार सुनील शर्मा को 18 लाख 18 हजार 179 रूपए में दिया है। चूंकि मेले के टेंडर में लगाए गए दस्तावेज 11 अप्रैल को खुले थे जिसमें सुनील शर्मा ने ग्वालियर मेला विकास प्राधिकरण का जो प्रमाण पत्र लगाया, उसमें मेले में लगने वाले मंच पर लाइट डेकोरेशन का प्रमाणीकरण लगाया है। ठेकेदार ने वर्ष 2017—18, 2018—19 व 2019—20 में मेले में लाइट डेकोरेशन का प्रमाण पत्र लगाया है। चूंकि इस प्रमाणीकरण पर दूसरे ठेकेदार ने आपत्ति दर्ज कराई तो शिवपुरी नगर पालिका से दस्तावेज की सत्यता की जांच के लिए ग्वालियर मेला प्रधिकरण को भेजा। जिस पर ग्वालियर मेला प्राधिकरण ने ग्वालियरम ें उक्त तीन वर्षों में मेला लगाने वाले ठेकेदार सुरेश गौड़ का प्रमाणीकरण दिया है चूंकि सुरेश गौड़ ने ही तीन साल तक ग्वालियर में मेला लगाया था तथा कोरोनाकाल में उनका देहांत हो गया। ठेकेदार सुरेश गौडत्र द्धारा लगाए गए ग्वालियर के मेले में मंच का डेकोरेशन करके ही खुद को ठेकेदार बनाकर प्रमाणीकरण बनवा लिया।
यह बोले मेला प्रभारी
मेले का ठेका हो गया तथा जिस ठेकेदार को ठेका दिया है, उसके दस्तावेज जांच के लिए ग्वालियर भेजे थे। अब उसमें क्या रिपोर्ट आई तथा जांच में उन्होंने क्या पाया, यह तो हमें पता नहीं है। इस बारे में तो सीएमओ ही कुछ बता पाएंगे, हमारा काम दुकानों का चूना डालना है।
यशपाल जाट, मेला प्रभारी नपा शिवपुरी।






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