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शिवपुरी में बेटियों को लेकर सास—बहू में झगड़ा, उनके लिए यह घर की लक्ष्मी नहीं बल्कि लक्ष्मी पाने का साधन / Shivpuri News

शिवपुरी। बेटियों की खरीद-फरोख्त के लिए शिवपुरी का नाम वैसे ही बदनाम रहा है। धड़ीचा प्रथा के जरिए स्टांप पर दुल्हन किराए पर लेना हो या फिर आज भी पुरानी शिवपुरी में लग रही देह व्यापार की मंडी हो। ऐसा ही मामला लालमाटी पर रहने वाले कुचबुंदिया समाज के एक परिवार का है। यहां एक परिवार में छह बेटियां हैं, इन बेटियों को न सिर्फ उनकी मां का परिवार बल्कि पिता का परिवार भी हुंडी (क्रेडिट बिल) समझ रहा है। दोनों के बीच बेटियों के हक को लेकर विवाद है, लेकिन शर्म की बात यह है कि इनके यह बेटियां घर की लक्ष्‌मी नहीं हैं, बल्कि वस्तु मात्र हैं जिसे बेचकर यह धन कमाना चाहते हैं। यही कारण है कि इन बेटियों पर कथित मालिकाना हक के लिए इन परिवारों में पिछले लंबे समय से शीत युद्ध चला आ रहा है। बेटियों के जवान होने के साथ ही मामला अपनी शीतलता को त्याग कर गर्म होता जा रहा है।

बेटियों की मां राजंति का आरोप है कि उसकी सास ने उसकी बेटियों को अपने कब्जे में कर रखा है और वह उन्हें गुपचुप तरीके से बेचना चाहती है। वहीं बेटियों की दादी सुनारी का कहना है कि बच्चियों की मां राजंति और उसके माता-पिता उन्हें बेचना चाहते हैं। शुक्रवार को इन बेटियों पर हक को लेकर दोनों परिवारों में चले आ रहे विवाद को शांत करने के लिए समाज की पंचायत बुलाई गई। दोनों परिवारों ने समाज के बीच अपने-अपने पक्ष रखे और समाज ने दोनों परिवारों में सुलह के लिए बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी और दोनों परिवारों में खूब जूतम-पैजार हो गई। हालात यह बने की मामला थाने तक जा पहुंचा और दोनों पक्ष के तीन-तीन लोग जेल भी पहुंच गए।

मां बोली, हमारे यहां बिकती हैं बेटियां

इस पूरे मामले पर जब छह बेटियों की मां राजंति से बात की गई तो उसका कहना था कि मेरी सास ने सुनारी मेरी बेटियों को अपने पास रखती है, इनमें से दो बेटियां अब बड़ी हो गई हैं जिन्हें वह बेचना चाहती है। राजंति की मां का तो यहां तक आरोप है कि सुनारी बेटियों को गुपचुप बेच आएगी और राजंति को फूटी कौड़ी तक नहीं देगी। राजंति से जब यह जानने का प्रयास किया गया कि उनके समाज में बेटियां बिकती हैं क्या? इस पर उसने कैमरे के सामने स्वीकार किया कि ‘हां हमारे समाज में बेटियां बेची जाती हैं’।

कर्ज के बदले मांग रहे छह बेटियां

सुनारी के परिवार का कहना था कि राजंति का पिता रामप्रसाद व उसके बेटे कह रहे हैं कि हमें तुमसे 18 लाख रुपये लेना है। तुम उस कर्ज को नहीं चुका पा रहे हो इसलिए हमें अपनी छह की छह बेटियां दे दो। सुनारी के परिवार का आरोप है कि वह इन बेटियों को बेच देगा और एक दो से अपने बेटों की शादी करवा देगा। कुल मिलाकर पूरे मामले में बेटियों का विनिमय विवाद का विषय बना हुआ है।

बेटी की शादी के लिए मना किया तो खूब मारा-पीटा

अगर इस पूरे विवाद की गहराई में जाएं तो छह माह पहले भी बेटियों को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा हो चुका है। तत्समय 30 अगस्त 2021 को सचिन आदिवासी ने थाने में बॉबी आदिवासी, सौरभ आदिवासी, हरताज आदिवासी, रवि आदिवास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि उक्त लोग उनके घर आए सौरभ ने सचिन आदिवासी से कहा कि तुम अपनी बेटी का भतीजी साधना का विवाह बॉबी आदिवासी से कर दो। जब रिश्ता करने से मना कर दिया तो चारों ने उन्हें मारा पीटा। इस मामले में कोतवाली थाने में मारपीट की शिकायत भी दर्ज हुई थी। इसी तरह से दूसरे पक्ष ने भी थाने में कई शिकायत दर्ज कराई हैं।

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